सरदार वल्लभ भाई पटेल अस्पताल को आयुष्मान योजना से हटाया

रवीश कुमार 
सरदार वल्लभ भाई पटेल अस्पताल को आयुष्मान योजना से हटा दिया गया है क्योंकि अस्पताल के कर्मचारी आयुष्मान कार्ड धारकों से पैसे मांग रहे थे। मुख्यमंत्री अमृत योजना के तहत बी पी एल को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना था मगर इसमें भी ऊपरी कमाई का जुगाड़ खोज लिया गया। इस कारण से इस योजना के पैनल से अस्पताल को बाहर कर दिया गया। क़ायदे से डाक्टरों और कर्मचारियों को बाहर करना था। अगर अस्पताल को आयुष्मान के पैनल से बाहर किया गया तो मरीज़ों को बहुत परेशानी होगी।

अहमदाबाद नगरपालिका का यह अस्पताल हाई प्रोफ़ाइल सरकारी अस्पताल है। साढ़े सात सौ करोड़ की लागत से बना है। इसी जनवरी में प्रधानमंत्री मोदी ने इसका उद्घाटन किया था। अभी पंद्रह दिन पहले इस अस्पताल के चार ऑपरेशन थियेटर को बंद करना पड़ा था क्योंकि बारिश का पानी भर गया था। एक हफ़्ता आपरेशन थियेटर बंद रहा। गुजराती अख़बार संदेश ने रिपोर्ट प्रकाशित की है।

सरदार पटेल के नाम का तो सोच लेते कि रिश्वत लेंगे तो उनकी आत्मा को ठेस पहुँचेगी।

ग़ाज़ियाबाद के संयुक्त ज़िला अस्पताल में एक महिला जब अपने मृत भ्रूण की सफ़ाई के लिए पहुँची तो डॉक्टर ने उससे अलग से पैसे माँगे। उसके पति ने सभी से शिकायत की लेकिन महिला डॉक्टर ने फिर भी नहीं किया। हिन्दुस्तान अख़बार ने रिपोर्ट प्रकाशित की है।

अब आप सोचिए कि हम कब ऐसा सिस्टम बना पाएँगे जो सबके लिए बिना किसी पैरवी-परेशानी के काम करता हो? नॉन रेज़िडेंट इंडियन को शर्म आ सकती है इसलिए ऐसी घटनाओं को शेयर न करें।
(लेखक मशहूर पत्रकार व न्यूज़ एंकर हैं)

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