रसोइया ने कहा- मैं दो साल से बच्चों को मिड-डे-मील के रूप में नमक-रोटी ही दे रही हूं...

लखनऊ।  मिर्जापुर के जिस स्कूल में बच्चों को मिड-डे-मील में नमक रोटी दी गई थी उस स्कूल की रसोइया ने बड़ा बयान दिया है। महिला ने दावा किया है कि वो दो साल से बच्चों को मिड-डे-मील के रूप में नमक रोटी या नमक चावल ही परोस रही हैं क्योंकि स्कूल प्रशासन इसके अलावा और कुछ बनाने को उन्हें नहीं देता।

न्यूज़ एजेंसी एएनआई ने स्कूल की रसोइया रुक्मणी देवी से बात की तो उन्होंने बताया कि “रिपोर्ट पूरी तरह से सच है। पहले हम नमक और चावल परोसते थे और अब नमक और रोटी परोसने को हमें दी जाती है। इस स्कूल में 25 बच्चे नमक और रोटी खाते हैं। मैं पिछले दो सालों से यहाँ हूँ। वे (स्कूल प्रशासन) बहुत कम सामान उपलब्ध कराते थे।”


रुक्मणी देवी ने कहा “मेरे भाई को झूठे मामले में जेल भेज दिया गया। उसने मीडिया को फोन किया और सच्चाई बताई और इसलिए वह आज जेल में है। अब सब सच्चाई जानते हैं। पुलिस रोज यहाँ आती है और हमें परेशान करती है वो हमें गलत बयान देने के लिए मजबूर करती है,”। उन्होंने आगे कहा, “हम असहाय हैं। मेरे भाई को छोड़ दिया जाना चाहिए। स्कूल में पिछले दो सालों से यही हाल है। हम शिकायत करते थे, लेकिन उन्होंने कोई कार्रवाई नहीं की।”

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