भ्रष्टाचार होने का और क्या चाहिए सबूत, 2 महीने में नवनिर्मित इंटरलॉकिंग सड़क टूटी

राम मिश्रा, अमेठी। उत्तर प्रदेश में वर्तमान योगी सरकार भले ही सूबे में रामराज स्थापित होने का दावा कर रही लेकिन आज भी पिछली सरकारों की भांति सड़क निर्माण में लूट खसोट कर सरकार के पैसों को हड़प करने वाले भ्रष्टाचारियो की मानसिकता में कोई परिवर्तन नहीं आया है और वह अपने व्यक्तिगत आर्थिक लाभ के लिए आमजन की परेशानी तथा योगी जी की रामराज्य वाली सरकार की बदनामी का कारण बने हुए हैं।

ग्रामीणों के मुताबिक जिले के शाहगढ़ विकासखण्ड के गांव परभनपुर में करीब 2 माह पूर्व ग्राम पंचायत द्वारा इंटर लॉकिंग सड़क का निर्माण किया गया था जो निर्माण के समय से ही बदहाली की ओर अग्रसर हो गई ग्रामीण राज बहादुर सिंह,अमर नाथ मौर्य आदि का आरोप है कि कुछ ही दिनो में ही गाँव मे बनाई गई इंटर लॉकिंग सड़क की ईंटे टूट गई और जगह जगह सड़क धंस गई है इसका मुख्य कारण गुणवत्ता और मानक विहीन कार्य है जिसको लेकर हम लोगो द्वारा सेकेट्री से शिकायत भी गई लेकिन उनके कान में जू तक नही रेंगी वही ग्रामीणों ने अब जिले के संवेदनसील डीएम प्रशान्त शर्मा से इसकी जांच कर भ्रस्टाचारियो पर उचित करवाई की मांग की है ग्रामीणों का कहना है कि जल्द ही इस मामले को लिखित तौर पर जनपद के उच्चाधिकारियो को अवगत भी कराया जाएगा।

तो क्या ऐसे बन पाएगी सरकार की छवि?
खराब सड़क पर चलते परेशान अब गांववासी सरकार को कोसते हुए कहते हैं कि सांसद, विधायक अथवा पार्टी पदाधिकारियों का सरकारी कर्मचारियों,अधिकारियों पर कोई नियंत्रण नहीं है वह पहले से अधिक भ्रष्ट एवं निरंकुश हो गए हैं इसी का परिणाम है कि नवनिर्मित सड़कें उखड़ रही हैं विभिन्न विभागों में भ्रष्टाचार का बोलबाला है भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता स्वयं परेशान एवं अपने को ठगा महसूस कर रहे हैं लोगों का मानना है कि विधायक सांसद एवं भाजपा के पदाधिकारियों की इस आत्ममुग्धता एवं लापरवाही का परिणाम आगामी लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी को उठाना पड़ सकता है।


वही जब इस मामले को लेकर सोरांव -परभनपुर के ग्राम प्रधान प्रतिनिधि शंकर लाल से पूछा गया तो उन्होंने जल्द ही सड़क के मरम्मत करवाने की बात कही है।

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