आसमानी कहर:10 की मौत आधा दर्जन लापता, अफरातफरी के हालात

राकेश पाण्डेय
उत्तरकाशी जिले के आराकोट तथा समीपवर्ती क्षेत्र में कल बादल फटने और फिर भूस्खलन से क्षेत्र में हाहाकार मच गया। इस आपदा में अब तक जहां 10 लोगों की मौत हो गई,वहीं आधे दर्जन से अधिक लोग लापता बताये जा रहे हैं।

बताते चलें कि गत दो दिनों में हुई भारी बारिश के चलते प्रदेश की सभी नदियां बाढ़ग्रस्त हो गयी हैं। हरिद्वार में गंगा नदी खतरे के निशान से उपर बह रही हैं। जिसके कारण लक्सर क्षेत्र के कई गांवों में धान और गन्ने की 30 हजार बीघा फसलों को नुकसान पहुंचा है।

बादल फटने और भूस्खलन की घटनाओं में आराकोट, माकुडी, मोल्डा, सनेल, टिकोची और द्विचाणु में कई मकान ढह गये थे ।कल बरसात और खराब मौसम के कारण तलाश और राहत अभियान बाधित रहा। आज मौसम में परिवर्तन होने पर तलाश और राहत अभियान में तेजी आयी। वायु सेना के एक हेलीकॉप्टर सहित तीन चॉपर्स की सहायता से प्रभावित क्षेत्रों में खाने के पैकेट, राशन और जरूरी दवाइयों समेत राहत सामग्री पहुंचायी गयी है।

उत्तरकाशी के प्रभावित आराकोट क्षेत्र में तबाही का जायजा लेकर लौटे प्रदेश के आपदा प्रबंधन सचिव अमित नेगी तथा राज्य आपदा प्रतिवादन बल (एसडीआरएफ) के महानिरीक्षक संजय गुंज्याल ने देहरादून में संवाददाता सम्मेलन में बताया कि प्रभावित क्षेत्रों से अब तक दस शव बरामद हो चुके हैं। गुंज्याल ने बताया कि माकुडी और आराकोट से चार—चार शव बरामद हुए हैं जबकि टिकोची और सनेल से एक—एक शव मिले हैं । जिले के प्रभावित क्षेत्रों में अभी छह अन्य लोग लापता भी बताये जा रहे हैं।

उन्होंने बताया कि प्रभावित हुए करीब आधा दर्जन गांवों की जनता से संपर्क स्थापित कर लिया गया है। राहत और बचाव कार्यों की निगरानी के लिये आराकोट में संचार सुविधाओं से युक्त आधार शिविर स्थापित किया गया है।
-सांकेतिक तस्वीर 


Source : upuklive

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