छेड़खानी की शिकार विदेशी छात्रा ने छोड़ा आइआइटी कैंपस

कानपुर। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आइआइटी) कानपुर में छेडख़ानी की शिकार विदेशी छात्रा ने कैंपस छोड़ दिया है , वहीं बुधवार की सुबह जांच के लिए फ्रांस के अफ सरों की टीम भी पहुंच गई । आइआइटी प्रबंधन ने भी छेड़छाड़ के आरोपित सिविल इंजीनियरिंग विभाग के वरिष्ठ प्रोफेसर के खिलाफ शिकायत की जांच आंतरिक कमेटी को सौंपी है।
एजुकेशन एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत आइआइटी में पढ़ाई करने आई विदेशी छात्रा ने हफ्तेभर पहले संस्थान के वूमेन सेल व दूतावास को शिकायत भेजकर वरिष्ठ प्रोफेसर पर गलत बर्ताव का आरोप लगाया था। आइआइटी के उप निदेशक प्रो.मणींद्र अग्रवाल के मुताबिक संस्थान की आंतरिक जांच कमेटी की प्राथमिक सिफारिश के आधार पर प्रोफेसर को शिक्षण दायित्व से हटा दिया था। मंगलवार को कुछ प्रोफेसर व प्रशासनिक अधिकारी पीडि़त छात्रा से भी मिले।
आइआइटी प्रबंधन ने साधी चुप्पी
सूत्रों के मुताबिक़, छात्रा कैंपस छोड़कर चली गई, अभी वह दिल्ली गई है। माना जा रहा है कि उसने यह कदम दूतावास से मिले निर्देश पर उठाया है। दूतावास ने डीजीपी से भी बात की है। हालांकि, आइआइटी प्रबंधन छात्रा के कैंपस छोडऩे की बात पर चुप्पी साध ली है। इस बारे में पूछने पर उप निदेशक प्रो। अग्रवाल ने कहा कि हमें जो कहना था कह दिया, आगे कुछ नहीं कहना।
छात्रा द्वारा दूतावास में शिकायत के बाद फ्रांस की अधिकारियों ने भी गंभीरता दिखाई है। बुधवार की सुबह फ्रांस की यूनीवर्सिटी के अफसरों की एक टीम आइआइटी पहुंच गई है। यह टीम ने सीधे उच्च स्तरीय लोगों से संपर्क किया है। बंद कमरे के अंदर टीम के सदस्य वार्ता कर रहे हैं। यह टीम जांच के बाद अपने देश के उच्चाधिकारियों को सूचित करेगी।
सिविल इंजीनियरिंग विभाग में किया था आवेदन
पीडि़त छात्रा सिविल इंजीनियरिंग विभाग के वरिष्ठ प्रोफेसर के अधीन कोर्स कर रही थी। पर हफ्ते भर पहले उसके साथ घटना हो गई। छात्रा की शिकायत से कैंपस में खलबली मची हुई है।
उच्चाधिकारियों को भेजी जाएगी रिपोर्ट
आइआइटी में विदेशी छात्रा से छेड़छाड़ के मामले को शासन ने भी गंभीरता से लिया है। एसएसपी के निर्देश पर मंगलवार को आइआइटी चौकी प्रभारी व एलआइयू टीम संस्थान पहुंची और सिक्योरिटी इंचार्ज से बात की। एलआइयू के एसपी विजय त्रिपाठी ने बताया कि शिकायती पत्र व अन्य साक्ष्य लेकर उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट भेजी जाएगी। एसएसपी अनंतदेव तिवारी का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट की गाइड लाइंस के मुताबिक आइआइटी प्रबंधन जांच करा रहा है। दोष सिद्ध होने पर आइआइटी सूचना देगा। उसके बाद एफआइआर दर्ज की जाएगी।

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