छात्रों का जीवन संवारने को रोजाना अपनी जान दांव पर लगाती हैं ये टीचर

नई दिल्ली। ओडिशा के ढेंकनाल जिला कि रहने वाली 50 वर्षीय बिनोदिनी बच्चों को पढाने के लिए 11 सालों से नदी पार करके स्कूल जा रही हैं। सबसे हैरानी वाली बात ये है कि बिनोदिनी ने अब तक एक बार भी क्लास मिस नहीं किया है।

अभी हाल ही में उनकी एक तस्वीर फेसबुक पर वायरल हुई थी, जिसमें सामल गर्दन तक पानी में उतरकर नदी पार कर रही थीं।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार ढेंकनाल जिले के राठीपाला गांव में के प्राथमिक विद्यालय में 53 छात्र हैं, जिन्हें पढ़ाने के लिए बिनोदिनी को सपुआ नदी पार करके जाना पड़ता है।यह स्कूल उनके घर से तीन किलोमीटर दूर नदी के पार स्थित है। बहुत सालों से इस नदी पर पुल बनाने की बात चल रही है लेकिन इसे अब तक नहीं बनाया जा सका।

मीडिया से बातचीत के दौरान 50 वर्षीय बिनोदिनी ने बताया कि, नौकरी लगने के बाद से ही वो नदी पार कर के स्कूल जा रही हैं।इसको लेकर मेरे परिवार वाले मुझे मना करते थे, लेकिन मुझे खुद पर भरोसा था। आगे बिनोदिनी ने कहा कि, वह एक जोड़ी कपड़े स्कूल की अलमारी में रखती हैं, ताकि नदी पार करने के बाद गीले कपड़ों को बदल सकें।

बिनोदिनी बताती है, पिछले 11 सालों से मुझे केवल 6,000 रुपये मासिक वेतन मिल रहा है, जबकि साल 2016 के बाद से मुझे 27,000 रुपये मिलना चाहिए था, फिर भी मैं अपना काम पूरी मेहनत से कर रही हूं।

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