महबूबा मुफ्ती का ट्विटर 45 दिन बाद हुआ ऐक्टिव, बेटी ने ट्वीट कर दी जानकारी

जम्मू-कश्मीर में कर्फ्यू लगा है. सरकार हालात सामान्य होने की बात तो कर रही है लेकिन स्कूल कालेज बंद हैं. सड़कें सुनसान हैं लेकिन केंद्र सरकार कह रही है कि जम्मू-कश्मीर में सब कुछ ठीक है. फोन सेवाओं से लेकर इंटरनेट तक बंद हैं. अखबार नहीं छप रहे हैं और खबरें आ नहीं रहीं हैं. खबरें उतनी ही लोग जान पा रहे हैं जितनी सरकार चाह रही है. सियासी दलों के नेताओं को या तो नजरबंद कर दिया गया है या फिर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है. जम्मू-कश्मीर में सियासी दलों के नेताओं को जाने की इजाजत नहीं है. लेकिन सरकार कहती है कि सब ठीक है. मामला सुप्रीम कोर्ट में भी है. एक अलग तरह की तानाशाही चला रही है. पूर्व मुख्यमंत्री और सांसद फारूक अब्दुल्ला को पीएसए लगा दिया गया है. यह धारा आतंकवादियों या अलगाववादियों पर लगाया जाता है लेकिन सरकार जवाब नहीं दे रही है कि फारूक अब्दुल्ला पर पीएसए क्यों लगाया गया. हद तो यह है कि कांग्रेस नेता और पूर्व मुख्यमंत्री गुलाम नबी आजाद को अपने घर जाने के लिए भी सुप्रीम कोर्ट से इजाजत लेनी पड़ी. हालात खराब हैं और नेट नहीं चल रहा है तो नेता भी सोशल मीडिया से कटे हुए हैं. ट्वीटर पर पूर्व मुख्य मंत्री उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती काफी सक्रिय रहते थे लेकिन अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद दोनों सक्रिय नहीं रह गए हैं. लेकिन लंबे समय बाद महबूबा मुफ्ती का ट्विटर हैंडल फिर से ऐक्टिव हो गया है. जम्मू-कश्मीर पूर्व सीएम महबूबा मुफ्ती राज्य से आर्टिकल 370 हटाए जाने के बाद से ही हिरासत में हैं. लंबे समय बाद उनकी बेटी इल्तिजा ने महबूबा मुफ्ती के आधिकारिक ट्वीटर हैंडल से ट्वीट कर कहा है कि जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती पांच अगस्त से ही हिरासत में हैं. ऐसे में वे इस ट्वीटर अकाउंट को एक्सेज नहीं कर पा रही हैं. अब मैं उनकी अनुमति से उनके ट्वीटर अकाउंट का संचालन कर रही हूं. इल्तिजा ने इसके साथ ही भारत सरकार के गृह सचिव और जम्मू-कश्मीर सरकार के गृह सचिव को लिखे एक पत्र की प्रति भी साझा की और कहा कि मैं अभी भी इन सवालों के जवाब का इंतजार कर रही हूं. इल्तिजा ने ट्वीट किया कि मैंने भारत सरकार के गृह सचिव व जम्मू-कश्मीर के गृह सचिव को 18 सितंबर को अपनी मां महबूबा मुफ्ती के बारे में जानकारी के लिए ईमेल किया. मैं अभी भी जवाब का इंतजार कर रही हूं. जम्मू-कश्मीर की पीपुल्स डेमोक्रेटिक पाटीर् (पीडीपी) की अध्यक्ष की बेटी ने 18 सितंबर को चेन्नई से लिखे एक पत्र में शिकायत की कि महबूबा मुफ्ती को परिवार के लोगों के अलावा किसी भी अन्य से मिलने की इजाजत नहीं दी गई. इल्तिजा ने पत्र में लिखा है कि वे अपनी मां से बीते हफ्ते कुछ समय के लिए मिलीं. इल्तिजा ने पत्र में लिखा है कि नजरबंदी की अवधि के दौरान महबूबा मुफ्ती को समाचार पत्र तक नहीं उपलब्ध है और पार्टी के किसी सदस्य या स्टाफ से उन्हें कोई राजनीतिक जानकारी नहीं प्राप्त हुई. उन्होंने कहा कि वे कोई राजनेता नहीं हैं.इल्तिजा ने इस पत्र में लिखा है कि अपनी मां (महबूबा मुफ्ती) से मुलाकात के दौरान उन्होंने राज्य के मौजूदा हालात पर चिंता जताई. खासकर राज्य का विशेष दर्जा वापस लिए जाने के बाद यहां बड़ी संख्या में नागरिकों को हिरासत में लेने की वजह से वे काफी चिंतित हैं. इल्तिजा ने अपनी मां की ओर से गृह सचिव से राज्य में हिरासत में लिए गए लोगों की संख्या और मौजूदा हालात समेत विभिन्न बिंदुओं पर जानकारी मांगी है. जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटने के बाद से ही वहां के तमाम नेताओं को एहतियातन हिरासत में रखा गया है, जिसमें महबूबा मुफ्ती भी शामिल हैं. (राजनीतिक-सामाजिक मुद्दों पर सटीक विश्लेशण के लिए पढ़ें और फॉलो करें).

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