यूपी में भी चमत्कार: रामलला का वंशज वाले वाले दो और दावेदार

राकेश पाण्डेय
सुप्रीम कोर्ट में अयोध्या भूमि विवाद को लेकर हफ्ते में पांच दिन सुनवाई हो रही है. इस बीच कुछ लोगों ने ये दावा किया है कि वे भगवान राम के वंशज हैं. इसी कड़ी में ताजा नाम जुड़ गया है यूपी के रायबरेली के रहने वाले राजेंद्र सिंह का. राजेंद्र सिंह ने सुप्रीम कोर्ट में आवेदन भी किया है हालांकि इसको अभी स्वीकार नहीं किया गया है।

राजेंद्र सिंह अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के अध्यक्ष हैं और खुद को राजा बताते हैं. उन्होंने दावा किया,"मैं राजा रामचंद्र का वंशज हूं।मेरे पूर्वजों ने मुझे ये बात बताई थी. मैं कोर्ट में वंशावली का एविडेंस दूंगा."

उन्होंने कहा,"हमारे कुल के लोगों को सांप, नाग नहीं काटते. लक्ष्मण चूंकि शेषनाग के अवतार थे इसलिए संसार में जितने बैश्य राजपूत हैं किसी को नाग काटता नहीं है।हम चाहते हैं कि अयोध्या की जमीन पर राजा रामचंद्र का राजमहल बने."

आपको बता दें कि राजेंद्र सिंह से पहले भी कुछ लोग, राजघराने खुद को भगवान राम का वंशज बता चुके हैं. मेवाड़ के राजकुमार लक्ष्यराज सिंह ने एक किताब के हवाले से बताया कि राम के बेटे लव ने लवकोट यानि लाहौर बसाया था और उनके वंशज गुजरात होते हुए मेवाड़ आकर बस गए थे।

इसके अलावा जयपुर राजघराने की राजकुमारी दीया कुमारी ने दावा किया था कि वे राम के बेटे कुश के कुल से हैं. उन्होंने कहा था कि वे कुश की 309वीं पीढ़ी से हैं. पांडुलिपियों और दस्तावेजों को आधार बनाते हुए उन्होंने ये दावा किया. दीया कुमारी के इस बयान के बाद जयपुर पुस्तकालय से एक नक्शा भी मिला था जो प्राचीन अयोध्या का था।

दूसरी ओर मुजफ्फरनगर मे भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत ने दावा किया है कि वे राम के असली वंशज हैं। बालियान खाप का गोत्र रघुवंशी है। अयोध्या में राम मंदिर बनना चाहिए। इसमें हमारी खाप के मुस्लिम भाई भी समर्थन करेंगे, क्योंकि वह भी राम के ही वंशज हैं। सुप्रीम कोर्ट में अगर सबूत देने की आवश्यकता पड़ी तो हम सबूत भी देंगे। राम मंदिर को लेकर विवाद समाप्त होना चाहिए।
       
मुजफ्फरनगर में सरकुलर रोड स्थित अपने आवास पर पत्रकारों से बातचीत में भाकियू अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत ने कहा कि सभी को पता है कि राम अयोध्या में पैदा हुए। मंदिर को तोड़कर ही बाबरी मस्जिद बनी थी। जन्म स्थली पर राम मंदिर को लेकर कोई बाधा नहीं आनी चाहिए। मस्जिद बनानी हैं तो वहीं पर कहीं दूर बना दो। हमें इसमें एतराज नहीं है। राम मंदिर पर कोई विवाद नहीं होना चाहिए।

उन्होंने कहा कि जाट जाति की बालियान खाप का गोत्र रघुवंशी हैं। राम को भी रघुवंशी ही कहते हैं। हमारे पास राम के वंशज होने के पूरे सबूत हैं। राम के बेटे लव से हमारी उत्पत्ति हुई है। हमारे जिले में ही बालियान खाप के 84 गांव हैं, इनमें कुछ मुसलमान भी हैं। रघुवंशी मुसलमान भी राम मंदिर के समर्थन में हैं। यदि सुप्रीम कोर्ट हमसे सबूत मांगेगा तो हम सबूत देने के लिए तैयार हैं। अपने पूर्वज राम का मंदिर बनवाने के लिए हम हर तरह से तैयार हैं। रघुवंशी गोत्र राजपूत, कुर्मी और जाट में है।

वहीं स्वर्गीय चौधरी महेंद्र सिंह टिकैत के द्वारा जाटों को हनुमान का वंशज कहे जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि हनुमान भी श्रीराम के ही साथ थे। हम अपने वंश को नहीं भूलेंगे, सबूत भी पेश करेंगे और शांति का संदेश भी देंगे।


Source : upuklive

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