विदेशी पति-पत्नी ने भारतीय बच्ची को लिया गोद

तेरह माह पहले एमबी हॉस्पिटल के पालने में आई नवजात आयुषी को बुधवार को स्वीडन के दंपती जेनेलाई और किस्टिन ने गोद लिया और स्वीडन ले गए।इससे पहले दंपती ने चार दिन तक उसके साथ समय बिताया फिर उसकी सभी बातें पसंद आने पर गोद लिया।

उदयपुर का तीन साल में यह छठा नवजात है जो अन्य देशों में गोद लिया गया। इससे पहले 3 लड़कियों और 2 लड़कों को यूएस, इटली और स्वीडन निवासी गोद ले चुके हैं। पिता स्वीडन की एक निजी कंपनी में जेसीबी चालक और मां सरकारी नर्सिंगकर्मी है।

दंपती ने बताया कि बच्ची को भारत और भारत के लोगों की कमी का एहसास नहीं होने देंगे, इसलिए वे जल्द ही यहां से एक और बच्चे को गोद लेंगे ताकि आयुषी को भाई मिल सके। आयुषी की मां ने बताया कि उसकी एक दोस्त कोलकाता की रहने वाली है जो स्वीडन में रहती है।

दोस्त को देखकर भारत की संस्कृति, खान-पान और याेग से प्यार हुआ। इसलिए निर्णय लिया कि खुद का परिवार आगे नहीं बढ़ाएंगे और बेटी को भारत से गोद लेंगे। आयुषी के गोद लेने के बाद उन्होंने कहा कि बेटी को स्वस्थ जीवन देंगे और आत्मविश्वासी महिला बनाएंगे। इच्छानुसार जो भी वो बनना चाहेगी उसके लिए अवसर उपलब्ध कराएंगे।

दंपती भारत आने से पहले ही 85 प्रश्नों की प्रश्नावली तैयार कर लाए थे। इसमें मेडिकल हिस्ट्री ऑफ चाइल्ड, डेली रूटीन, बच्ची का देखभाल करने वाली आया और विदाई की रस्म के सवाल थे। बच्ची कब उठती है, कब नहाती, क्या खाती, कैसे रहती आदि सवाल थे। इसके बाद चार दिन दंपती उसके साथ रहे और सवालों के उत्तर लिखे। पसंद आने के बाद उसे गोद ले लिया।

गोद देने की कार्रवाई के दौरान सीडब्ल्यूसी अध्यक्ष डाॅ. प्रीति जैन, सदस्य बीके गुप्ता, डाॅ. राजकुमारी भार्गव सुशील दशोरा, हरीश पालीवाल, बाल अधिकारिता विभाग की सहायक निदेशक मीना शर्मा और जिला बालक अधिकारी और राजकीय किशोर गृह के अधीक्षक केके चन्द्रवंशी उपस्थित थे।

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