छात्रों को दोपहर की भोजन में रोटी के साथ बांटा गया नमक

मिर्जापुर के हिनौता गाँव के एक प्राइमरी स्कूल में छात्रों को दोपहर की भोजन में रोटी के साथ नमक बांटा गया। न्यूज़ एजेंसी एएनआई से बात करते हुए जिलाधिकारी अनुराग पटेल ने कहा कि ‘शिक्षक और पर्यवेक्षक के स्तर पर लापरवाही हुई। शिक्षक को निलंबित कर दिया गया है। पर्यवेक्षक से जवाब मांगा गया है। “

प्राथमिक विद्यालयों में उपलब्ध कराये जा रहे भोजन में कम से कम 450 कैलोरी ऊर्जा व 12 ग्राम प्रोटीन एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में कम से कम 700 कैलोरी ऊर्जा व 20 ग्राम प्रोटीन उपलब्ध होना चाहिए। परिवर्धित पोषक मानक के अनुसार मेनू में व्यापक परिवर्तन किया गया है, तथा इसका व्यापक प्रसार प्रचार किया गया है।

मिड डे मील केंद्र सरकार द्वारा चलाई गई एक स्कीम है जिसके जरिए स्कूल में पढ़ रहे छोटी आयु के बच्चों को पोषक भोजन खाने के लिए दिया जाता है। अधिक छात्रों के नामांकन और अधिक छात्रों की नियमित उपस्थिति के संबंध में स्कूल भागीदारी पर मध्याह्‌न भोजन का मिड डे मील महत्वपूर्ण प्रभाव पङता है। अधिकतर बच्चे खाली पेट स्कूल पहुंचते हैं। जो बच्चे स्कूल आने से पहले भोजन करते हैं उन्हें भी दोपहर तक भूख लग आती है और वे अपना ध्यान केन्द्रित नहीं कर पाते हैं।

मध्याह्‌न भोजन बच्चों के लिए ”पूरक पोषण” के स्रोत और उनके स्वस्थ विकास के रूप में भी कार्य कर सकता है। यह समतावादी मूल्यों के प्रसार में भी सहायता कर सकता है क्योंकि कक्षा में विभिन्न सामाजिक पृष्ठभूमि वाले बच्चे साथ में बैठते हैं और साथ-साथ खाना खाते हैं।

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