बिहार में बारिश से अबतक 23 की मौत, नीतीश बोले- स्थिति किसी के हाथ में नहीं, धैर्य रखें

पटना। बिहार में पिछले 36 घंटे से लगातार हो रही बारिश से राजधानी पटना में जलजमाव खतरे के स्तर तक पहुंच गया है वहीं गंगा समेत छह नदियों के खतरे के निशान से ऊपर बहने से कई जिले बाढ़ की चपेट में आ गये हैं। इसके चलते राज्य में अबतक 23 लोगों की मौत हो चुकी है।
पटना के बोरिंग रोड, बेली रोड, पाटलिपुत्र कॉलोनी, कंकड़बाग, राजेंद्र नगर, पटना विश्वविद्यालय, महेंद्रू, गांधी मैदान, डाक बंगला चौराहा, आशियाना नगर, जगदेव पथ, पटना सिटी समेत लगभग पूरे इलाके में भारी बारिश के कारण हुए जलजमाव ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। राजेंद्र नगर के रोड संख्या छह, मोइनुल हक स्टेडियम के आस-पास के इलाके में जलजमाव ने बाढ़ का रूप धारण कर लिया है।
वहीं, गंगा समेत छह नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। इससे भागलपुर, दरभंगा, सारण, मुजफ्फरपुर समेत कई जिले के सैकड़ों गांव बाढ़ की चपेट में हैं। बारिश के जारी कहर से भागलपुर में दीवार गिरने से जहां छह लोगों की मौत हो गई वहीं पटना में ऑटोरिक्शा पर पेड़ गिरने से एक ही परिवार की एक बच्ची और तीन महिलाओं की मौत हो गई।
इस बीच मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज लगातार दूसरे दिन अधिकारियों की आपात बैठक बुलाई। इस दौरान उन्होंने वरीय अधिकारियों एवं विभिन्न जिलों के जिलाधिकारियों से बारिश और बाढ़ से उत्पन्न स्थिति की जानकारी प्राप्त की और अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिये।
मुख्यमंत्री कुमार ने बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि इस तरह की स्थिति किसी के हाथ में नहीं है। उन्होंने लोगों से इस अप्रत्याशित प्राकृतिक आपदा की घड़ी में धैर्य रखने की सलाह दी। उन्होंने कहा, ऐसे समय में हमें थोड़ी हिम्मत से काम लेना होगा। सरकार की ओर से आम लोगों की समस्याओं के मद्देनजर जरूरी सुविधाएं मुहैया कराये जाने को लेकर लगातार प्रयास किये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी परिस्थिति में जरूरी चीजों की कमी नहीं होने दी जायेगी।

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