बारिश ने नीतीश-सुशील की खोली पोल, पटना की सड़कों पर फट गया विकास का ढोल

पटना का यह बदरंग चेहरा है. पंद्रह साल से नीतीश कुमार बिहार के मुख्यमंत्री हैं. विकास का ढोल बहुत पीटते हैं. नारा भी लगवाते हैं. चुनाव नजदीक है तो पटना में लगवा दिया बैनर काहे करें विचार, हैं ही नीतीश कुमार. उनके हां मंत्री हैं सुशील कुमार मोदी. वे भी मैदान में कूद पड़े. पार्टी के कई नेता नीतीश कुमार के खिलाफ बोल रहे थे लेकिन सुशील कुमार मोदी समर्थन में कूदे और कहा कप्तान बदलने की जरूरत नहीं. नारा को जोर से बोला, हैं ही नीतीश कुमार. अब यह नारा नीतीश कुमार पर ही नहीं सुशील कुमार मोदी पर भी भारी पड़ रहा है. तीन दिनों की बारिश ने पटना की सूरत बिगाड़ी और सरकार की सीरत पर पानी फेर दिया. विकास के दावे राजधानी में पानी-पानी हो गए. सड़कें तालाब बनीं तो कहीं नाला सड़कों पर आ गया. लोग तीन दिनों से घरों में बंद. कई इलाके अंधेरे में डूबे. पीने का पानी तक नही. राजेंद्र नगर से लेकर कंकड़बाग तक पानी ही पानी. इस पानी ने सुशील कुमार की बोलती भी बंद करा दी. वे राजेंद्र नगर में रहते हैं. उनके घर में पानी घुसा था. लोक गायिका शारदा सिन्हा भी उसी इलाके में रहतीं हैं. उनके घर में भी पानी घुसा था. आपदा प्रबंधन की टीम ने अंधेरे में डूबे घर से सुशील कुमार मोदी को बचा कर निकाला. यानी सरकार बाढ़ में घिरी थी. उसे किसी तरह से निकाला गया. महफूज जगह पर पहुंचाया गया. उनकी तसवीरें देख कर लग सकता है कि वे राहत और बचाव में लगे हैं लेकिन दरअसल सरकार को ही बचा कर निकाला गया. सुशील मोदी की बोलती बंद. लालू यादव के पंद्रह साल पर तंज कसने वाले सुशील मोदी के चेहरे का रंग उड़ा था. वे लालू यादव के पंद्रह साल को कोस नहीं रहे थे. हो सकता है बाद में फिर कोसें कि लालू यादव की वजह से ही बारिश हुई और पानी पटना में जमा हो गया. वैसे सुशील मोदी को भी बिहार की सत्ता में बतौर उप मुख्यमंत्री लगभग पंद्रह साल हो गए हैं. पटना का हाल देख कर जाना जा सकता है कि बिहार में बहार है और नीतीशे कुमार है. विकास का यह बदनुमा चेहरा लिए सुशील मोदी देर तक राजेंद्र नगर के ओवरब्रिज पर परिवार के साथ खड़े रहे, पत्रकारों के सवालों से बचते हुए. उनके परिवार की एक सदस्य ने जरूर यह कहा कि लोगों को पीने का पानी पहुंचाएं. पत्रकार ने पलट कर कहा, यह आप मुझसे कह रही हैं. पत्रकार के कहने का मतलब था कि सरकार आपकी, निजाम आपका और आप लोगों को पीने का पानी तक मुहैया नहीं करा पा रहे हैं. पंद्रह सालों में बिहार की तसवीर किस तरह बदली है, बारिश ने नीतीश कुमार और सुशील कुमार मोदी दोनों के चेहरों का पानी उतार डाला है. पंद्रह साल में पटना के जल निकासी को भी दुरुस्त न तो नीतीश कुमार ने किया और न ही भाजपा के बयानवीरों ने भाजपा नेता इसका ठीकरा नीतीश कुमार पर फोड़ रहे हैं लेकिन सच्चाई यह है कि लगभग पंद्रह सालों के नीतीश कुमार के शासन में नगर विकास मंत्रालय भाजपा के पास रहा है. फिर पटना की चारों विधानसभा सीट पर भाजपा का कब्जा, दोनों सांसद भाजपा के और नगर निगम पर भाजपा का कब्जा लेकिन नतीजा ठन-ठन गोपाल. जल निकासी और नालियों की सफाई के लिए हर साल करोड़ों खर्च करने का दावा किया जाता है लेकिन तसवीर सामने है. भ्रष्टाचार कितना और किस पैमाने पर हुआ होगा, समझा जा सकता है. पटना को स्मार्ट सिटी बनाने का दावा किया जा रहा है, समझा जा सकता है कि स्मार्ट सिटी बनाने के नाम पर अब तक कितनी लूट हुई होगी. वैसे यह अलग बात है कि नीतीश कुमार अपनी नाकामी पर परदा डालने के लिए इसे प्राकृतिक आपदा मान रहे हैं और हथिया नक्षत्र को दोष दे रहे हैं. सरकार की लचर व्यवस्था पर जो सवाल उठ रहे हैं नीतीश कुमार बस बैठकें कर ही उसे दूर करने में लगे हैं. बारिश का पानी नेताओं और अधिकारियों के घरों तक पहुंच गया. बिहार के उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी भी इससे बाढ़ से बच नहीं पाए. बीते तीन-चार दिनों से हो रही भयंकर बारिश की वजह से पूरा पटना डूब गया है. उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी और दो पूर्व मुख्यमंत्रियों सतेंद्र नारायण सिंह व जीतन राम मांझी के घरों में भी पानी घुस गया. बारिश से राज्य में चालीस लोगों की मौत हो चुकी है. बाढ़ और बारिश की वजह से उत्तर बिहार के कई जिलों में राष्ट्रीय राजमार्ग भी क्षतिग्रस्त हो गए हैं. राज्य में कई जगह बाढ़ का पानी घरों, दुकानों और अस्पतालों में घुस गया है. बारिश की वजह से ट्रेनों की आवाजाही, सड़क परिवहन और विमान के संचालन पर असर पड़ा है. लंबी दूरी की कई यात्री ट्रेनों को रद्द कर दिया गया है.  पानी बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी के राजेंद्र नगर स्थित आवास में भी घुसा. जिसके बाद एनडीआरएफ की टीम ने वहां पहुंचकर उनके परिवार को बाहर निकाला और आप तस्वीरों में देख सकते हैं कि किस तरह से उप मुख्यमंत्री सामान के साथ बाहर खड़े हैं. दूसरी ओर गंगा, कोसी, गंडक, बागमती, महानंदा जैसी बड़ी नदियों में जलस्तर बढ़ रहा है, जिससे कई जगहों पर बांध टूटने का खतरा पैदा हो गया है. जल संसाधन विभाग ने संबंधित अधिकारियों को अलर्ट कर दिया है और जिला अधिकारियों से किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने के लिए कहा गया है. केंद्र ने पहले से ही खतरनाक जगहों पर बचाव व राहत अभियानों के लिए राष्ट्रीय आपदा अनुक्रिया बल और राज्य आपदा अनुक्रिया बल को तैनात कर दिया है. मौसम विभाग के अधिकारियों के मुताबिक राजधानी पटना में शनिवार से 151 मिलीमीटर की बारिश हुई है, जोकि हाल के वर्षो में एक रिकार्ड है. लोगों की मदद के लिए पटना के कई इलाकों में नाव चल रहे हैं. ड्रेनेज के जाम होने से पूरा पटना जलमग्न हो गया है. इससे यहां के आवासीय स्थानों पर अफरा-तफरी मच गई है और बारिश ने पटना सरकार की कलई खोल दी है. बिहार में भारी बारिश के बाद अस्‍त-व्‍यस्‍त जन-जीवन के बीच सियासत भी गरमाई. नीतीश कुमार ने इस प्राकृतिक आपदा की घड़ी में संयम व साहस बना रखने की अपील की है. सत्‍ता पक्ष इसे प्राकृतिक आपदा बता रहा है तो विपक्ष का आरोप है कि अलर्ट के बावजूद सिस्‍टम की लापरवाही के कारण स्थिति बिगड़ी है. मौसम विभाग का कहना है कि 19 सितंबर को ही सरकार को बता दिया था कि भारी बारिश होगी. मौसम विभाग ने नीतीश कुमार की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर डाले. राज्‍य सरकार में सहयोगी भारतीय जनता पार्टी के विधायक अरुण कुमार ने प्रशासन से असहयोग का आरोप लगा दिया है. गिरिराज सिंह ने सरकार की नाकामी का ठीकरा नीतीश कुमार पर फोड़ा. जबकि नगर विकास का मंत्रालय भाजपा के पास है. जल-जमाव से बुरी तरह प्रभावित पटना की स्थिति को देखने की औपचरिकता पूरी करने केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद भी पहुंचे. उन्होंने बताया कि लोगों की मदद की हर संभव कोशिश की जा रही है. फरक्‍का बराज के सभी गेट खोल दिए गए हैं, ताकि पटना में गंगा का जल-स्‍तर कम हो सके. जल-जमाव प्रभावित इलाकों से पानी निकालने के लिए बड़े पंप भी चाहिए. कोल इंडिया की ओर से बड़े पंप की व्यवस्था की जा रही है. छत्‍तीसगढ़ से दो बड़े पंप हवाई रास्‍ते से मंगाए जा रहे हैं. हेलीकॉप्टर भी मंगाए गए हैं. लेकिन सारा इंतजाम जबानी ज्यादा हो रहा है, जमीन पर दिखाई कम दे रहा है. राजद और रालोसपा ने सरकार की नाकाम पर जोरदार हमला किया. रालोसपा के नेता पूर्व विधायक डा विनोद यादव ने कहा कि नीतीश कुमार और सुशील मोदी पटना में जल-जमाव के लिए भी मुगलों, जवाहर लाल नेहरू, लालू यादव, मौसम, प्रकृति और नक्षत्र को दोषी ठहराएंगे. विनोद यादव ने कहा कि सरकार पूरी तरह नाकाम है. समय रहते उसने पानी निकासी का इंतजाम नहीं किया और अब हथिया नक्षत्र पर ठीकरा फोड़ा जा रहा है. डबल इंजन की सरकार पूरी तरह फेल हुई और देखा जाए तो पूरा सिस्टम डिरेल हो गया है.राजद नेता तेजस्‍वी यादव ने कहा कि पटना के मेयर से लेकर सभी विधायक, पांच सांसद (दो लोकसभा और तीन राज्यसभा) भाजपा के हैं. राज्य में तेरह सालों से एनडीए की सरकार चल रही है, लेकिन जब पानी में पटना डूब रहा है तो ये लोग एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं. प्रशासन की ओट में खुद का बचाव कर रहे हैं कि सहयोग नहीं मिलने के कारण ऐसी स्थिति आई है. तेजस्वी ने आरोप लगाया कि बिहार में आपदा प्राकृतिक नहीं है. बल्कि, सरकार की लापरवाही से ऐसा हुआ है. तेजस्वी की यह प्रतिक्रिया भाजपा विधायक अरुण सिन्हा के उस बयान के बाद आई है, जिसमें उन्होंने कहा था कि हम हालात पर लगातार नजर बनाए हुए हैं. नीतीश कुमार के रवैये पर लोगों को हैरानी हो रही है. नीतीश कुमार की तुलना नीरू से की जा रही है. लोगों ने नया नारा उछाला है, सुशासन के पंद्रह साल, बिहार बदहाल. (राजनीतिक-सामाजिक मुद्दों पर सटीक विश्लेशण के लिए पढ़ें और फॉलो करें).  

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