रविदास मंदिर के लिए याचिका लगाएगी दिल्ली सरकार

नई दिल्ली। तुगलकाबाद में संत रविदास का ऐतिहासिक मंदिर तोड़े जाने का मामला दिन प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है. अगले साल की शुरुआत में दिल्ली में होने वाले विधानसभा चुनावों के कारण राजनीतिक दल इस मुद्दे पर सक्रियता दिखा रहे हैं. दिल्ली की अरविंद केजरीवाल सरकार मंदिर मामले में पार्टी बनने के प्रयास में जुट गई है. समाज कल्याण मंत्री राजेंद्र पाल गौतम ने मीडिया को बताया कि रविदास मंदिर कानून-व्यवस्था और 40 करोड़ लोगों की आस्था का विषय है. राजेंद्र पाल गौतम ने कहा कि वे अपने वकीलों से चर्चा कर रहे हैं. उसके बाद वे अगले हफ्ते सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल करने की कोशिश करेंगे. उन्होंने कहा कि अदालत को बताया जाएगा कि मंदिर तोड़े जाने संबंधी मुकदमे में सही तथ्य नहीं रखे गए हैं. रविदास मंदिर आजादी के पहले से सरकारी दस्तावेजों में दर्ज है.
मंत्री गौतम ने कहा कि, वे खुद वकील हैं और कानून के मुताबिक यदि कोई कहीं 30 साल से अधिक समय से काबिज है, तो उस जमीन या भवन का मालिक बन जाता है. अगर इसी जजमेंट को फॉलो करेंगे, तो देशभर में कोई जमीन का मालिक नहीं बन पाएगा. सुप्रीम कोर्ट में कहेंगे कि संत रविदास का मंदिर बनने दिया जाए, दिल्ली सरकार उससे अधिक जंगल बनाकर देगी.
रविदास मंदिर तोड़े जाने के खिलाफ भीम आर्मी के आह्वान पर रामलीला मैदान तक 22 अगस्त को मार्च निकाला गया था. शाम को दक्षिण दिल्ली में प्रदर्शनकारियों के बीच से कुछ शरारती तत्वों ने तोड़-फोड़ और हिंसक घटनाओं को अंजाम दिया. इस पर मामले में राजेंद्र पाल गौतम ने कहा कि, दिल्ली पुलिस ने जिन 96 लोगों को गिरफ्तार किया है, उसमें कई बेकसूर शामिल हैं. पुलिस ने उन सभी को पकड़ लिया है जिन्होंने सिर पर नीली टोपी, गले में नीला पटका, बाबा साहेब आंबेडकर या संत रविदास की चित्र वाली टी-शर्ट पहनी थी. कुछ लोगों के हिंसा करने पर 96 लोगों को पकडऩा ठीक नहीं है. पुलिस के पास विडियो है तो चेहरे मिलाकर दोषियों की पहचान करें. उन्होंने कहा कि वे जेल में जाकर सभी से मुलाकात करेंगे.

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