प्रेम विवाह करने वाले किसी भी बालिग जोड़े को जरुरत पडऩे पर सीधे सुरक्षा उपलब्ध कराने के आदेश

रुडकी। प्रेम विवाह करने वाले बालिग जोड़ों को पुलिस सुरक्षा के लिए हर बार हाईकोर्ट जाने की जरूरत नहीं होगी। लक्सर के नव दंपत्ति की याचिका पर नैनीताल हाईकोर्ट की दो सदस्यीय खंडपीठ ने ऐसे मामलों में सीधे सुरक्षा मुहैया कराने के आदेश पुलिस को दिए हैं।

दंपत्ति ने परिजनों से जान का खतरा जताते हुए न्यायालय में याचिका दायर की थी। लक्सर के एक गांव निवासी युवक संजय की बहन की ससुराल बास्तम (मंगलौर) में है। उसके जीजा की एक रिश्तेदारी चरथावल (मुजफ्फरनगर) के गांव नगला रेई में है। करीब एक साल पहले संजय की नगला रेई की युवती से जान पहचान हुई। बाद में उनमें प्यार हो गया। पता चलने पर युवती के परिजनों ने उस पर पाबंदी लगा दी।

पिछले दिनों प्रेमी युगल घर से भागकर देहरादून पहुंचा और एक मंदिर में शादी करने के बाद वहीं शादी का पंजीकरण करा लिया। इस दौरान युवती के परिजनों को भी इसकी जानकारी हो गई। आरोप है कि परिजन प्रेमी युगल को जान से मारने की धमकी दे रहे थे। इस पर संजय व उसकी पत्नी गुड्डन ने पुलिस सुरक्षा की मांग करते हुए नैनीताल हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी।

उनके अधिवक्ता चौधरी भूप सिंह ने बताया कि नैनीताल हाईकोर्ट में न्यारयमूर्ति आलोक सिंह व रविंद्र मैठाणी की संयुक्त पीठ ने मामले की सुनवाई के बाद याचिका दायर करने वाले दंपत्ति को सुरक्षा देने के आदेश पुलिस को दिए हैं। साथ ही लता सिंह केस में सुप्रीम कोर्ट के निर्णय का हवाला देते हुए प्रेम विवाह करने वाले किसी भी बालिग जोड़े को जरुरत पडऩे पर सीधे सुरक्षा उपलब्ध कराने के आदेश भी पुलिस विभाग को दिए हैं। बताया कि उच्च न्यायालय के आदेश की प्रति लक्सर कोतवाली पुलिस को दे दी गई है।


Source : upuklive

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