भक्ति की डगर से ही मुक्ति के नगर तक पहुंचे श्रद्वालु

जसपुर। पहली बार शुरू हुई संगीतमय श्री राम कथा के पहले दिन तुलसी जयंती एवं रामचरित मानस का वर्णन किया गया। संगीत मंडली ने स्वरचित प्रसंगों को सुनकर महिला एवं पुरूष श्रद्वालु मंत्रमुग्ध हो गए। सोमवार को शिव पार्वती विवाह का वर्णन किया जायेगा।
रविवार को कोतवाली के सामने धर्मशाला में संगीतमय श्रीराम कथा का शुभारंभ रामायण पूजन से किया गया। नौ दिवसीय रामकथा में पुरुषों की अपेक्षा महिला श्रद्घालुओं की भीड़ अधिक रही। कथा व्यास मनोज महाराज (सहारनपुर वाले) ने तुलसी जयंती एवं रामचरित मानक की भूमिका सुनाते हुए कहा कि भक्ति की डगर पर चलकर ही मुक्ति के नगर तक पहुंचा जा सकता है। उन्होंने कहा कि रामकथा,पाप के कारणों को भी नष्ट कर देती है। तथा राम के चरित्र से जीवन में उजाला होता है। कथा के बीच बीच में संगीतमय प्रसंगों को सुनकर श्रद्घालु झूम उठे। पंजाबी महासभा के सतीश अरोरा ने बताया कि संगीतमय श्री राम कथा का पांच अगस्त तक प्रतिदिन सांय तीन बजे से छह बजे तक की जायेगी। यहॉ महेंद्र अरोरा, हरिओम सिंह, सतीश अरोरा,अरविंद कुमार,राजू, अवलोक सिंघल, अतुल बंसल, हरीश अरोरा, सतीश ग्रोवर,आशा, गरिमा अरोरा, तिया, सोहन देवी,रचना आदि मौजूद रहे। 


Source : upuklive

Related News

Leave a Comment