दादा अस्पताल में भर्ती, बाहर फुटपाथ पर उनके लिए खाना बना रही 3 साल की बच्ची

नई दिल्ली। मामला छत्तीसगढ के दंतेवाड़ा जिला हॉस्पिटल का है। यहां भर्ती अपने दादा के साथ आई 3 साल की बच्ची ज्योति खाना पकाने के लिए चूल्हा फूंकती मिली।

दरअसल, पिता भोजन चढ़ाकर वाॅर्ड में दादा से मिलने गए तो उनके आने तक बच्ची चूल्हे की आग सुलगाकर रखने और चम्मच चलाने का काम करती दिखी। 38 किमी दूर कटेकल्याण के बेंगलूर गांव से ज्योति के बुजुर्ग दादा को 3 दिन पहले जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

अस्पताल में भर्ती मरीजों के लिए कैंटीन से मुफ्त भोजन तो मिलता है, लेकिन साथ में आए परिजन के लिए भोजन की व्यवस्था खुद करनी पड़ती है। ज्यादातर ग्रामीण अस्पताल के सामने वाहन स्टैंड के शेड में ईंट-पत्थर रखकर अस्थाई चूल्हा सुलगाते हैं, जिसमें दोनों वक्त का भोजन पकता है।

ज्योति का परिवार बेहद गरीब है। लिहाजा वे होटल से खाना नहीं मंगा सकते थे। ज्योति और उसका पिता हॉस्पिटल के बाहर ही दादा के ठीक होने का इंतजार करने लगे। वे तीन दिनों से पार्किंग के शेड में डेरा डाले हुए थे।

हालांकि हॉस्पिटल की कैंटीन से मुफ्त खाना मिलता है, लेकिन यह सिर्फ मरीजों के लिए होता है। जब ज्योति के पिता चूल्हे पर सब्जी चढ़ाकर दादा को देखने वार्ड में गए, तब ज्योति को चूल्हा-चौका संभालना पड़ा। बताते हैं कि ज्योति गांव में भी ऐसी ही जिम्मेदारियां संभालती है।

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