आर्टिकल 370 हटने से जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के लोगों को फायदा: कोविंद

भारत के 73वें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर बुधवार को देश के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद देश के नाम संदेश दिया. राष्ट्रपति ने अपने इस संबोधन में देश से जुड़े तमाम अहम मुद्दों पर अपनी बात रखी.
राष्ट्रपति ने कहा हम एक विशेष राष्ट्र में एक स्वतंत्र राष्ट्र के रूप में 72 वर्ष पूरे कर रहे हैं. अब से कुछ हफ्तों में, 2 अक्टूबर को, हम अपने राष्ट्र को आजाद कराने के सफल प्रयास के मार्गदर्शक, हमारे राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 150 वीं जयंती मनाएंगे.
''...मुझे विश्वास है कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के लिए हाल ही में किए गए बदलावों से वहां के निवासी बहुत अधिक लाभान्वित होंगे. वे भी अब उन सभी अधिकारों और सुविधाओं का लाभ उठा पाएंगे जो देश के दूसरे क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों को मिलती हैं.
कोविंद ने कहा, ''वे भी अब समानता को बढ़ावा देने वाले प्रगतिशील क़ानूनों और प्रावधानों का उपयोग कर सकेंगे. 'शिक्षा का अधिकार' कानून लागू होने से सभी बच्चों के लिए शिक्षा सुनिश्चित की जा सकेगी. 'सूचना का अधिकार' मिल जाने से, अब वहां के लोग जनहित से जुड़ी जानकारी प्राप्त कर सकेंगे; पारंपरिक रूप से वंचित रहे वर्गों के लोगों को शिक्षा व नौकरी में आरक्षण तथा अन्य सुविधाएं मिल सकेंगी. उन्होंने कहा तीन तलाक  को अपराध की श्रेणी में डालने वाले कानून के लागू होने से हमारी बेटियों को न्याय मिलेगा.
17वीं लोकसभा के लिए हुए आम चुनावों को लेकर राष्ट्रपति ने कहा कि  इससे पहले गर्मियों में, भारत के लोगों ने 17वें आम चुनाव में भाग लिया, जो मानव इतिहास में सबसे बड़ा लोकतांत्रिक अभ्यास था. इसके लिए मैं हमारे मतदाताओं को बधाई देता हूं. वे बड़ी संख्या में और अधिक उत्साह के साथ मतदान केंद्रों पर पहुंचे. राज्यसभा और लोकसभा के सत्र सफल रहे. इन सत्रों में कई महत्वपूर्ण बिल पास हुए. राष्ट्रपति ने कहा कि मैं आशा करता हूं कि आने वाले 5 सालों में सदन के सत्र इसी तरह पूरे होंगे.
राष्ट्रपति ने कहा कि हम भारत के लोग अपने ज्ञान और विज्ञान के बल पर चांद और मंगल पर पहुंचने की योग्यता रखते हैं. उन्होंने कहा हमारी संस्कृति की यह विशेषता है कि विज्ञान के साथ ही हम प्रकृति और सभी जीवों के लिए प्रेम और करुणा का भाव रखते हैं. पूरी दुनिया के बाघों की तीन चौथाई आबादी को हमने सुरक्षित बसेरा दिया है.
राष्ट्रपति ने कहा कि मुझे विश्वास है कि समाज के आखिरी वक्त के लिए भारत, अपनी संवेदनशीलता बनाए रखेगा. उन्होंने कहा कि भारत अपने आदर्शों पर अटल रहेगा और अपने मूल्यों को संजोकर रखेगा. इसके साथ ही साहस की परंपरा को आगे बढ़ाएगा.


Source : upuklive

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