यूपी पुलिस का गजब खेल, बलात्कार का आरोपी अस्पताल में पीड़िता को भेजा जेल

राजधानी दिल्ली में सात साल पहले निर्भया बलात्कार कांड ने पूरे देश को हिला कर रख दिया था. पूरा देश एक तरह से सड़कों पर उतर आया था. बलात्कारियों के खिलाफ कड़े कानून बनाने की मांग हुई. मांग सरकार ने मानी भी. कड़ा कानून बना भी लेकिन बेटी बचाओ का नारा देने वाली भाजपा ही इस कानून का मखौल उड़ाती दिख रही है. उत्तर प्रदेश में पहले भाजपा अपने विधायक कुलदीप सेंगर को बचाने में जुटी रही और अब पूर्व केंद्रीय गृह राज्य मंत्री स्वामी चिन्मयानंद को बचाने के लिए हर स्तर पर लगी हुई है. दिलच्सप यह है कि जिस लड़की ने स्वामी चिन्मयानंद पर बलात्कार का आरोप लगाया उसे तो पुलिस ने गिरफ्तार करने में देर नहीं लगाई. लड़की पर फिरौती मांगने का आरोप है. लेकिन जो चिन्मयानंद बलात्कार का आरोपी है उसके खिलाफ पुलिस ने केस कमजोर दर्ज किया और लखनऊ के अस्पताल में पांच सितारा सुविधा योगी आदित्यनाथ की पुलिस मुहैया करा रही है. कहा जा रहा है कि ऐसा योगी आदित्यनाथ के कहने पर किया जा रहा है. चिन्मयानंद पर बलात्कार का आरोप लगाने वाली कानून की छात्रा को कम से कम चार दिन और जेल में रहना पड़ेगा क्योंकि उसकी जमानत पर सुनवाई अब 30 सितंबर को होगी. लेकिन चिन्मयानंद अभी कुछ और दिन अस्पताल में रहेंगे क्योंकि उन्होंने डॉक्टरों से कमजोरी और यूरिन में तकलीफ की शिकायत की है. कानून की छात्रा से मिलने शाहजहांपुर जेल गईं माकपा नेता वृंदा करात और सुभाषिनी अली ने प्रशासन पर चिन्मयानंद को बचाने का आरोप लगाया. चिन्मयानंद पर रेप का इल्जाम लगाने वाली कानून की छात्रा रंगदारी मांगने के आरोप में जेल में है. वृंदा करात उससे मिलने जेल गईं. मुलाकात के बाद उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि चिन्मयानंद पर लगा बलात्कार का आरोप लड़की पर लगे रंगदारी के आरोप से बहुत बड़ा है. उन्होंने आरोप लगाया कि चिन्मयानंद को बचाने की कोशिश हो रही है. वृंदा करात ने कहा कि यह कौन सी तुक है. लड़की बलात्कार के बारे में शिकायत कर रही है और इन्होंने उसको पूरा तोड़ मरोड़कर केवल और केवल आरोपी को बचाने के लिए ऐसा काम किया है. सुभाषिनी अली ने कहा कि लड़की पर गलत मुकदमा कायम किया गया है. सुभाषिनी अली ने कहा कि एसआईटी का कहना है कि महत्त्वपूर्ण प्रमाण गायब हुए हैं या नष्ट हुए हैं. जैसे कि वह चश्मा, जिससे वीडियो रिकॉर्डिंग हुई थी. उसका दोष पीड़िता को नहीं दिया जा सकता है क्योंकि वह तो वहां जा ही नहीं पाई. इसमें जो 201 दफा में, प्रमाण नष्ट करने की जो दफ़ा है, उसमें केस दर्ज किया जाना चाहिए था उस संस्थान के प्रशासन के खिलाफ. लड़की की जमानत पर सेशन कोर्ट में सुनवाई हुई, लेकिन इसमें 30 सितंबर की तारीख लग गई. उसी दिन चिन्मयानंद की भी ज़मानत पर सुनवाई होनी है. चिन्मयानंद 23 तारीख से लखनऊ में संजय गांधी पीजीआई में भर्ती हैं. उनके हेल्थ बुलेटिन में कहा गया है कि स्वामी चिन्मयानंद कार्डियालॉजी विभाग में लो ब्लड प्रेशर और सीने में बाईं तरफ दर्द की शिकायत पर भर्ती हुए थे.उनकी एंजियोग्राफी हुई. लेकिन कोई ब्लॉकेज नहीं मिला. वे अभी भी बहुत कमजोरी और यूरिन की तकलीफ बता रहे हैं. वे डाययबिटीज और यूरिन की तकलीफ के लिए डॉक्टर की निगरानी में हैं और उनकी जांचें हो रही हैं. लेकिन सरकार की इस कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं और कहा जा रहा है कि भाजपा का बेटी बचाओ नारा, दूसरों पर लागू होता है भाजपा नेताओं पर नहीं. (राजनीतिक-सामाजिक मुद्दों पर सटीक विश्लेशण के लिए पढ़ें और फॉलो करें).

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