भ्रष्टाचार मामलों में 15 वरिष्ठ सीबीआईसी अधिकारियों को अनिवार्य सेवानिवृत्ति

नई दिल्ली, 18 जून (आईएएनएस)। भ्रष्टाचार के आरोपों में एक दर्जन आयकर अधिकारियों को बाहर का रास्ता दिखाने के कुछ दिनों के बाद अब अप्रत्यक्ष कर से जुड़े 15 वरिष्ठ राजस्व अधिकारियों पर गाज गिरी है। इन अधिकारियों को घूस मांगने, आपराधिक साजिश करने से लेकर वित्तीय अनियमितताओं के कारण जबरन कार्यमुक्त कर दिया गया है।

वित्त मंत्रालय के सूत्रों ने कहा कि केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) के कुछ अधिकारियों के अलावा प्रधान आयुक्त और आयुक्त रैंक के अधिकारियों को केंद्रीय सिविल सेवा (पेंशन) नियमों के नियम 56(जे) के तहत कार्यमुक्त किया गया है।

जिन अधिकारियों को कार्यमुक्त किया गया है, उनमें पीआर एडीजी (ऑडिट) प्रधान आयुक्त अनूप श्रीवास्तव, निलंबन का सामने कर रहे एक आयुक्त अतुल दीक्षित और एडीजी डीजीपीएम चेन्नई के आयुक्त जी. श्री हर्षा शामिल हैं।

इसके अलावा मुंबई जीएसटी जोन के सहायक आयुक्त विनोद कुमार संघा, भुवनेश्वर जीएसटी जोन के सहायक आयुक्त एस.एस. बिष्ट और दिल्ली जीएसटी जोन के उपायुक्त अमरेश जैन समेत अन्य अधिकारियों को अनिवार्य सेवानिवृत्त किया गया है।

--आईएएनएस

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