यूएन मानवाधिकार परिषद ने चीन द्वारा प्रस्तुत विकास योगदान संबंधी प्रस्ताव को पारित किया

बीजिंग, 13 जुलाई (आईएएनएस)। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने चीन द्वारा प्रस्तुत मानवाधिकार पर विकास के योगदान संबंधी प्रस्ताव 12 जुलाई को फिर से पारित किया। इस प्रस्ताव में दोहराया गया कि सभी मानवाधिकारों के उपभोग के लिए विकास का भारी योगदान है। सुंदर जीवन के प्रति जनता की आकांक्षा पूरा करना विभिन्न देशों का प्राथमिक कार्य है।

इस प्रस्ताव ने विभिन्न देशों से जनता केंद्रित विकास को पूरा करने, जनता में विकास की प्रेरणा शक्ति ढूंढ़ने, जनता पर निर्भर कर विकास बढ़ाने, विकास से जनता को कल्याण पहुंचाने, निरंतर विकास बढ़ाने और विकास और गरीबी उन्मूलन में अंतर्राष्ट्रीय सहयोग मजबूत बनाने की अपील की।

जेनेवा स्थित चीनी प्रतिनिधिमंडल के कार्यवाहक प्रमुख ली सोंग ने उस दिन मानवाधिकार परिषद में इस प्रस्ताव का परिचय देते हुए कहा कि विकास न सिर्फ सभी सवालों के समाधान का आधार और कुंजी है, बल्कि व्यापक विकासशील देशों की जबरदस्त मांग और अनुसरण है। विकास विभिन्न मानवाधिकार पूरा करने के लिए शर्ते तैयार करता है। बेहतर विकास से मानवाधिकार को बढ़ावा मिलेगा।

ली सोंग ने कहा कि वर्तमान में वैश्विक विकास संतुलित नहीं है, तालमेल नहीं है और पर्याप्त भी नहीं है, जिससे विभिन्न देशों खासकर विकासशील देशों की जनता के मानवाधिकार के उपभोग पर नकारात्मक असर पड़ता है।

चीन के प्रस्तावों को कई देशों का समर्थन मिला है। जेनेवा स्थित क्यूबा, मिस्र, भारत और दक्षिण अफ्रीका के प्रतिनिधियों ने चीन द्वारा प्रस्तुत प्रस्ताव के मसौदे की प्रशंसा की है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में विभिन्न देशों की जनता का विकास अधिकार कारगर रूप से पूरा नहीं हुआ। गरीबी उन्मूलन और निरंतर विकास को बढ़ाना मानवाधिकर की सुरक्षा और मानव समुदाय का सुंदर भविष्य पूरा करने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।

(साभार-चाइना रेडियो इंटरनेशनल, पेइचिंग)

--आईएएनएस

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