मां के सपने को पूरा करना चाहती थी : हालेप

मैच के बाद हालेप ने कहा, जब मैं 10-12 साल की थी, तब मेरी मां कहा करती थी, अगर तुम टेनिस में कुछ हासिल करना चाहती हो तो विंबलडन जीतकर दिखाना। आज मैं बहुत खुश हूं क्योंकि मेरी मां का सपना पूरा हो गया।

हालेप ने 24वें ग्रैंड स्लैम के लिए प्रतिस्पर्धा कर रहीं सेरेना को 6-2, 6-2 से हराते हुए अपना पहला विंबलडन और कुल दूसरा ग्रैंड स्लैम खिताब जीता।

हालेप ने कहा कि वह विंबलडन इसलिए भी जीतना चाहती थीं क्योंकि उनकी सालों की इच्छा थी कि उन्हें इस क्लब की आजीवन सदस्यता मिले।

बकौल हालेप, मैं लॉकर रूम में सोचा करती थी कि अगर मैं इस साल यहां खिताब जीत गई तो मुझे इस शानदार क्लब की आजीवन मेंबरशिप मिल जाएगा। यह मेरा सपना था और इसके लिए मैं काफी मोटिवेटेड थी। अब मैं इसे पाकर खुश हूं।

इससे पहले फ्रेंच ओपन जीत चुकीं हालेप ने कहा कि क्ले कोर्ट पर सफलता हासिल करने के बाद ग्रास कोर्ट पर खिताब जीतना उनके लिए आसान नहीं था लेकिन इसके लिए उन्होंने अपनी शैली में बदलाव किया।

हालेप ने कहा, मैंने विंबलडन के लिए अपनी शैली में बदलाव किया। मेरे लिए यह आसान नहीं था। मेरी मेहनत रंग लाई। मैं इससे काफी खुश हूं।

हालेप के पूरे सम्बोधन के दौरान उनकी मां तथा पिता स्टैंड में मौजूद थे और दोनों काफी भावनात्मक नजर आ रहे थे।

--आईएएनएस

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