आईपीएल में टीमों का विस्तार चाहते हैं फ्रेंचाइजी, बोर्ड स्थायित्व का पक्षधर

आईएएनएस से बात करते हुए एक अधिकारी ने कहा कि सभी बातें अच्छी हैं, लेकिन हर कदम सोच-समझकर उठाना होगा और बोर्ड में मौजूद अधिकारियों को विभिन्न फ्रेंचाइजियों को जमीनी हकीकत से अवगत कराना होगा।

अधिकारी ने कहा, वे हमारे हितधारक हैं और बीसीसीआई एवं फ्रेंचाइजियों के बीच बहुत अच्छे संबंध हैं। हम चिंतित हैं कि प्रबंधन में से किसी व्यक्ति द्वारा इस तरह का अपारदर्शी व्यवहार और आकस्मिक बयान अनावश्यक रूप से बीसीसीआई और फ्रेंचाइजियों के बीच के संबंध को प्रभावित कर सकता है।

अधिकारी ने कहा, कुछ लोग अपनी काबिलियत की कमी की भरपाई करने के लिए गलतफहमी पैदा करने में कामयाब होते हैं। जब समय आएगा, हम इस पर फ्रेंचाइजियों के साथ ईमानदारी से बातचीत करेंगे।

उन्होंने बताया कि लीग में टीमों की संख्या बढ़ाने से पहले फिलहाल, स्थिरता बीसीसीआई की प्राथमिकता होनी चाहिए।

अधिकारी ने कहा, यहां तक कि हम भी नई टीमें भी चाहते हैं, लेकिन हमें जमीनी हकीकत को ध्यान में रखना चाहिए। कुछ लोगों को लगता है कि वे बीसीसीआई के मालिक बन गए हैं और वे अपने हितों को आगे बढ़ाने के लिए बीसीसीआई की संपत्तियों को बेच सकते हैं। वे उन लोगों को कल्पनाएं बेच रहे हैं जो विश्वास उनपर विश्वास करते हैं। बीसीसीआई कौन है? सदस्यों का संग्रह। पिछले तीन वर्षो से जो समस्याएं चल रही हैं उसे देखते हुए हमें सबसे पहले जमीनी स्तर पर जारी काम में स्थिरता लानी होगी।

उन्होंने कहा, एक अनौपचारिक सभा जो बीसीसीआई के संविधान के तहत नहीं है स्पष्ट रूप से निर्णय नहीं ले सकती है, लेकिन उन्हें इन सभी बिंदुओं पर चर्चा करनी चाहिए क्योंकि हम बातचीत और विभिन्न ²ष्टिकोण को प्रोत्साहित करते हैं। अगर सीईओ राहुल जौहरी को इस तरह की बैठक की जानकारी थी, तो उन्होंने पदाधिकारियों को इसकी सूचना क्यों नहीं दी? क्या पारदर्शिता केवल शब्दों तक ही सीमित होनी चाहिए?

अधिकारी ने कहा, यहां हम नंबर 4 के बल्लेबाज की बहस को सुलझा नहीं पाए और किसी को अंतरराष्ट्रीय स्तर के 44 नए खिलाड़ियों की उम्मीद है। मूल बातों पहले ध्यान दिया जाए।

--आईएएनएस

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