ईपीएस-95 पेंशनर्स का धरना-प्रदर्शन सोमवार को

नई दिल्ली, 14 जुलाई (आईएएनएस)। ईपीएस-95 राष्ट्रीय संघर्ष समिति के आह्वान पर ईपीएस-95 के पेंशन धारक सोमवार को देश भर के ईपीएफ ऑफिस पर धरना प्रदर्शन करेंगे। ऑल इंडिया ईपीएस-95 पेंशनर्स संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष कमांडर अशोक राउत ने कहा कि दक्षिण भारत में बेंगलुरु और कडप्पा और उत्तर भारत में देहरादून, मेरठ और आगरा में 12 जुलाई को ईपीएफ पेंशनरों ने ईपीएफ दफ्तरों पर प्रदर्शन किए थे।

राउत ने बताया कि एनएसी के हेडक्वॉर्टर महाराष्ट्र के बुलढाणा में पिछले साल 24 दिसंबर से पेंशन धारक लगातार 204 दिनों से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल कर रहे हैं। श्रम मंत्री के साथ हुई बैठकों में पेंशन धारकों को यह विश्वास दिलाया गया था कि राष्ट्रीय संघर्ष समिति (एनएसी) की मांगों को मानते हुए प्रस्ताव तैयार कर सिफारिश के साथ प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री को भेजा जाएगा, लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ।

उन्होंने कहा कि पेंशन धारकों के मामले में एक्सपर्ट कमिटी और कोशियारी समिति की रिपोर्ट सरकार के पास थी, लेकिन इसके बावजूद जनवरी 2018 में एक दूसरी हाई इंपावर्ड मॉनिटरिंग कमिटी का गठन किया गया। इस रिपोर्ट में पेंशन धारकों को इस महंगाई के जमाने में 2000 रुपये मासिक पेंशन देने की सिफारिश की गई, जो पूरी तरह अमानवीय, अन्याय और भेदभाव पूर्ण है।

राउत ने कहा कि जिन पेंशन धारकों ने अपने पूरे जीवन भर हर महीने की कमाई से 417, 541 और 1250 रुपये पेंशन फंड में जमा कराए और जिसका मूल्य करीब 20 लाख रुपये बैठता है, उन्हें रिपोर्ट में केवल 2000 रुपये पेंशन देने की सिफारिश करना जीवन की ढलती सांझ में उनके लिए परेशानी पैदा करने और उनके जीवन भर पेंशन फंड में दिए गए योगदान का मजाक उड़ाना नहीं तो और क्या है।

राउत ने कहा कि आंदोलन में 60 से 80 वर्ष की उम्र के बुजुर्ग पेंशन धारक सोमवार के आंदोलन में हाई पावर्ड मॉनिटरिंग कमिटी की रिपोर्ट की होली जलाएंगे। 31 मार्च 2017 को ईपीएफओ कार्यालय की अंतरिम एडवाइजरी कमिटी के पत्र को भी आग के हवाले किया जाएगा। इस अवसर पर पेंशन धारक प्रधानमंत्री, वित्त मंत्री, श्रम मंत्री और केंद्रीय भविष्य निधि आयुक्त के नाम पर ज्ञापन भी सौंपेंगे।

ऑल इंडिया ईपीएस-95 पेंशनर्स संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष कमांडर अशोक राउत ने बताया कि इस समय केंद्र सरकार की ओर से हर महीने केवल 200 से 2500 रुपये की पेंशन मिलने से 63 लाख ईपीएफ पेंशनर्स में असंतोष है।

पेंशनधारक 2013 की कोशियारी समिति की सिफारिशों के अनुसार 7500 रुपये मासिक पेंशन, उस पर 5000 रुपये महंगाई भत्ते और सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार वास्तविक वेतन पर उच्चतम पेंशन की मांग कर रहे हैं।

-- आईएएनएस

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