सुपर ओवर में डिफॉल्ट मोड में चला गया था : बटलर

लंदन, 16 जुलाई (आईएएनएस)। आईसीसी विश्व कप-2019 का फाइनल सुपर ओवर की आखिरी गेंद तक खिंचा। इस तनाव वाली घड़ी में इग्लैंड के विकेटकीपर जोस बटलर सबसे शांत थे।

रविवार को हुए फाइनल मैच में बटलर ने बेन स्टोक्स के साथ बेहतरीन साझेदारी कर अर्धशतक जमाया और इंग्लैंड को मैच में वापस लेकर आए।

इसके बाद वह सुपर ओवर में दोबारा बल्लेबाजी करने आए तीन गेंदों पर सात रन बनाए। इसके कारण न्यूजीलैंड को 16 रनों का लक्ष्य मिला। लेकिन बटलर का सबसे बड़ा रोल अभी आना बाकी था। आखिरी गेंद पर जब मैच टाई होने की कगार पर था तब इंग्लैंड के पास एक उम्मीद न्यूजीलैंड के बल्लेबाज को रन आउट करने की थी। किस्मत ने बटलर के लिए यह रोल बचा कर रखा था। मार्टिन गुप्टिल जब दूसरा रन लेने दौड़े तब जेसन रॉय ने विकेट से दूर थ्रो फेंकी, लेकिन बटलर ने शांत रहते हुए बिना घबराहट के गेंद को पकड़ा और डाइव मारते हुए स्टम्प बिखेर इंग्लैंड को पहली बार विश्व विजेता बनाया।

बटलर अभी भी अपने आप को चिकोटी काटकर देख रहे हैं कि क्या वाकई में उन्होंने ही ऐसा किया।

उन्होंने कहा, हम ड्रेसिंग रूम में इस पर हंस रहे थे। चार साल सिर्फ एक गेंद पर आकर थम गए।

उन्होंने कहा, एक गेंद पर दो रन चाहिए थे। हम नहीं बना पाए थे। इसके बाद बात इस पर आई की क्या हम रन आउट कर सकते हैं।

विकेटकीपर ने कहा, यह बेहद अच्छा है कि इस सप्ताह हम जागेंगे और महसूस होगा कि हमने कर दिखाया।

बटलर से जबू पूछा गया कि इतने दबाव में वह किस तरह अपने आप को शांत और संयमत रख पाए?

बटलर का जवाब था, जब आप मैदान के बीच में होते हो तो यह ठीक है क्योंकि तब आप डिफॉल्ट मोड में चले जाते हो, और यह मोड आप जानते हो- क्रिकेट खेलो। गेंद को पकड़ना और स्टम्प पर मारना, मैं यही जानता हूं, लेकिन इस बार इसका परिणाम बहुत बड़ा था।

उन्होंने कहा, मुझे याद है कि वो दस सेकेंड जब मैं दोड़ा, वो माहौल मेरे जीवन में हमेशा मेरे साथ रहेगा।

दाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने कहा, मैं नहीं समझता कि मैं कभी किसी और चीज के बारे में इतना सोचूंगा। मुझे नहीं लगता कि अब मेरे करियर में क्या होगा इसकी मुझे चिंता होगी।

विश्व कप का माहौल अभी खत्म नहीं हुआ है और कुछ ही दिनों बाद इंग्लैंड को एक और बड़ी सीरीज में उतरना है- एशेज सीरीज।

--आईएएनएस

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