आरटीआर फ्लाईओवर : दक्षिणी दिल्ली व नोएडा से हवाईअड्डा जाना अब आसान

इससे दक्षिणी और पूर्वी दिल्ली के साथ नोएडा की ओर से घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय हवाईअड्डे के टर्मिनलों तक की यात्रा अब आसान हो गई है।

यातायात को आसान बनाने के लिए नवंबर 2014 में इस परियोजना की शुरुआत हुई। परियोजना की अनुमति में देरी के कारण इसकी कई समय सीमाएं खत्म हो गई थीं।

दक्षिणी दिल्ली और नोएडा से इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाईअड्डे (आईजीआईए) की ओर यात्रा को आसान बनाने के लिए आउटर रिंग रोड पर मुनिरका और सुब्रतो पार्क के बीच एलिवेटेड रोड बनाया गया है, जिससे ट्रैफिक जाम की समस्या काफी हद तक कम हो सकेगी।

इस फ्लाईओवर के बनने से व्यस्ततम रहने वाले वसंत विहार, साउथ कैंपस और मोतीबाग क्षेत्र को आसानी से पार किया जा सकेगा। इससे हवाईअड्डा और गुरुग्राम जाने वाले यात्रियों का समय बचेगा। इसके साथ ही आउटर रिंग रोड, रिंग रोड, मुनिरका, वसंत विहार और आर.के. पुरम में भी यातायात को सुगम करने में आसानी होगी। इससे एक दिन में एक लाख से अधिक मोटर चालकों को लाभ होने की संभावना है।

इसके साथ ही परियोजना के दूसरे भाग बेनिटो जुआरेज मार्ग को सैन मार्टिन रोड से जोड़ने वाले एक अंडरपास का निर्माण भी इस साल के अंत में पूरा होने की उम्मीद है।

2010 के राष्ट्रमंडल खेलों के मद्देनजर 2007 में इस परियोजना की योजना बनाई गई थी।

दिल्ली शहरी कला आयोग (डीयूएसी) और दिल्ली मंत्रिमंडल ने विधानसभा चुनाव से कुछ समय पहले 2013 में दोनों परियोजनाओं को मंजूरी दी।

आरटीआर फ्लाईओवर और अंडरपास पर नवंबर 2014 में काम शुरू हुआ था जो नवंबर 2016 में खत्म होना था।

इन वर्षो के दौरान आई कई चुनौतियों व समय लगने के कारण इस परियोजना की लागत 313.67 करोड़ रुपये से 364.87 करोड़ रुपये हो गई। केजरीवाल कैबिनेट ने मार्च 2019 में संशोधित लागत को मंजूरी दी थी।

गौरतलब है कि लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) बाहरी रिंग रोड पर तीन फ्लाईओवर भी बनाएगा, ताकि क्षेत्र में ट्रैफिक को कम किया जा सके।

--आईएएनएस

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