पाकिस्तान में पूर्व शासकों से सरकारी खजाने से खर्च हुई रकम को वसूलने का फैसला

इस्लामाबाद, 17 जुलाई (आईएएनएस)। पाकिस्तान की संघीय सरकार ने फैसला किया है कि बीते दस वर्षो में देश पर शासन करने वालों ने जिस तरह की शाहखर्ची की थी, उस धन की इनसे वसूली की जाएगी।

पाकिस्तान के अखबार नवाए वक्त की रिपोर्ट के मुताबिक, कैबिनेट की बैठक में लिए गए फैसलों की जानकारी मीडिया को प्रधानमंत्री की सूचना एवं प्रसारण मामलों की सलाहकार फिरदौस आशिक अवान और संचार मंत्री मुराद सईद ने दी।

अवान ने कहा कि कैबिनेट ने बीते दस सालों में कर्ज में डूबे देश के पूर्व शासकों पूर्व राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी और ममनून हुसैन व पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ, यूसुफ रजा गिलानी, राजा परवेज अशरफ और शाहिद खाकान अब्बासी की सुरक्षा, इनके मनोरंजन और कैंप आफिसों पर अवाम के पैसों के बेदर्दी से हुए खर्च पर गहरी चिंता जताई। कैबिनेट ने फैसला किया कि इन पूर्व शासकों की अय्याशियों और शाही खर्चे पर इस्तेमाल हुए जनता के टैक्स की भरपाई इनसे वसूली कर की जाएगी।

मुराद सईद ने कहा कि सुरक्षा के नाम पर 2017 में तत्कालीन राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी के पास 184 गाड़ियां थीं। तत्कालीन प्रधानमंत्री नवाज शरीफ 2015 में जब अमेरिका गए थे तो उनकी यात्रा पर चार लाख डालर से अधिक का खर्चा आया था।

एक्सप्रेस न्यूज ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि कैबिनेट की बैठक में पूर्व शासकों से संबंधित सुरक्षा व कैंप आफिसों पर और विदेशी दौरों पर हुए खर्च के दस्तावेज पेश किए गए। यह दस्तावेज एक्सप्रेस न्यूज के पास हैं। इनसे पता चलता है कि पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के कैंप आफिसों और उनके स्वास्थ्य पर चार अरब 31 करोड़ और 83 लाख रुपये सरकारी खजाने से खर्च हुए थे।

--आईएएनएस

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