अयोध्या मामले में देरी कर रही कुछ पार्टियां : विहिप

नई दिल्ली, 18 जुलाई (आईएएनएस)। अयोध्या आंदोलन में सबसे आगे रहे विश्व हिंदू परिषद (विहिप) को लगता है कि कुछ पार्टियों की वजह से इस विवाद का निपटारा नहीं हो पा रहा है। परिषद चाहता है कि दशकों पुराने इस मामले को सुलझाने के लिए सर्वोच्च न्यायालय अपनी कार्यवाही तेजी से आगे बढ़ाए।

आरएसएस के सहयोगी संगठन विहिप का मजबूती के साथ कहना है कि अयोध्या में भगवान राम के जन्मस्थान पर एक भव्य राम मंदिर बनाने के अलावा कोई समाधान नहीं होगा।

विहिप प्रवक्ता विनोद बंसल ने कहा, हम एक समाधान चाहते हैं। यह समाधान मध्यस्थता के जरिए हो या किसी अन्य तरीके से।

दरअसल शीर्ष अदालत ने आम सहमति की उम्मीद में तीन सदस्यीय मध्यस्थता पैनल का गठन किया है।

बंसल ने कहा, एक भव्य मंदिर बनाने पर कोई समझौता नहीं हो सकता है।

कानूनी प्रक्रिया पर टिप्पणी करते हुए, बंसल ने कहा, 2017 के बाद से, राम जन्मभूमि के मूल मामले पर एक भी सुनवाई नहीं हुई है। मामले की सुनवाई के लिए महज संवैधानिक पीठ बनाई गई और केवल समय निर्धारित किया गया है।

उन्होंने कहा कि इस मामले में सर्वोच्च न्यायालय को कुछ वर्गो द्वारा की जा रही देरी की रणनीति से निपटने की आवश्यकता होगी।

विहिप नेता ने कहा, इस मामले में देरी करने वालों के लिए बेशक यह एक जमीन का टुकड़ा है लेकिन हमारे लिए यह जिगर का टुकड़ा है।

बंसल ने तर्क देते हुए कहा, भगवान राम हमारे पूर्वज हैं और यह प्रत्येक भारतीय का कर्तव्य है कि वह उनके जन्मस्थान पर मंदिर के पुनर्निर्माण के लिए उठ खड़े हों। दूसरी ओर, बाबर के नाम पर कोई मस्जिद का समर्थन कैसे कर सकता है, जो एक विदेशी आक्रमणकारी था और जिसने भारत के धन व समृद्धि को लूटा। बाबर भारत में किसी के लिए भी आदर्श नहीं हो सकता, क्योंकि उसका भारतीयों के वंश से कोई लेना-देना नहीं है।

उन्होंने कहा, अयोध्या की सांस्कृतिक सीमा के अंदर कोई मस्जिद नहीं हो सकती है और देश में कहीं भी बाबर के नाम पर कोई मस्जिद नहीं हो सकती है। इस ढांचे का कोई समाधान निकालना होगा, वरना हमें यह स्वीकार नहीं होगा।

बता दें कि सर्वोच्च न्यायालय ने गुरुवार को मध्यस्थता पैनल से एक अगस्त तक अपनी रिपोर्ट देने को कहा है। इसके अलावा शीर्ष अदालत ने आगे की कार्रवाई के लिए सुनवाई की अगली तारीख दो अगस्त तय की है।

--आईएएनएस

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