मिर्जापुर में विरोध-प्रदर्शन के बाद प्रियंका को हिरासत में लिया गया (लीड-1)

पार्टी कार्यकताओं ने इस बात की जानकारी देते हुए कहा कि प्रियंका सोनभद्र मामले के पीड़ितों के परिजनों से मिलने जिला मुख्यालय मिर्जापुर जा रही थीं।

पार्टी कार्यकर्ताओं के मुताबिक पुलिस द्वारा छोड़े जाने के बाद प्रियंका ने पत्रकारों से कहा कि वह वह पुलिस की कार्रवाई से डरने वाली नहीं हैं और सोनभद्र जा कर रहेंगी।

कार के अंदर बैठी प्रियंका ने कहा, पुलिस ने मुझे रोका।

लेकिन एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि प्रियंका को हिरासत में नहीं लिया गया।

हिरासत में लिए जाने के आरोपों से पहले वह वह वाराणसी के बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) ट्रॉमा सेंटर में गोंड समुदाय के कुछ घायलों से मिली थीं।

सोनभद्र जिले में जमीन विवाद के चलते बुधवार को गोंड और गुर्जर समुदाय के लोग आपस में भिड़ गए थे, जिसमें तीन महिलाओं सहित कम से कम दस लोगों की मौत हो गई थी और 24 अन्य घायल हो गए थे।

वाराणसी में घायलों से मिलने के बाद प्रियंका मिर्जापुर के उभ्भा गांव जाने के लिए रवाना हुईं। जहां रास्त में उन्हें पुलिस ने कथित तौर पर उन्हें रोक लिया।

सोनभद्र जाने की इजाजत नहीं मिलने के बाद प्रियंका और उनके समर्थक मिर्जापुर के नारायणपुर क्षेत्र में धरने पर बैठ गए।

प्रियंका गांधी ने पत्रकारों से कहा, मैं पीड़ितों के परिजनों से मिलना चाहती थी। मैंने यह भी कहा कि मैं अपने साथ केवल चार लोगों को लेकर जाऊंगी। लेकिन जिला प्रशासन हमें वहां जाने से रोक रहा है।

उन्होंने कहा, उन्हें हमें बताना चाहिए कि हमें क्यों रोका गया है। हम यहां शांतिपूर्ण तरीके से बैठे रहेंगे।

सोनभद्र में हिंसा के संबंध में 24 लोगों गिरफ्तार किया गया है और 78 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है।

--आईएएनएस



Source : ians

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