मदरसों पर अंकुश लगाने की तैयारी में पाकिस्तान

इस्लामाबाद, 20 जुलाई (आईएएनएस)। पाकिस्तान के शिक्षा मंत्री शफकत महमूद ने शुक्रवार को कहा कि पाकिस्तान मदरसों व धार्मिक स्कूलों को बंद करने और चरमपंथी शिक्षण पर अंकुश लगाने की योजना पर सहमत हो गया है।

इस फैसले से लंबे समय से चली आ रही चिंताएं दूर हो सकती हैं क्योंकि पाकिस्तान में लगभग 30 हजार मदरसे धार्मिक अध्ययन के तौर पर एक कठोर पाठ्यक्रम के साथ चरमपंथी शिक्षण को बढ़ावा देते हैं, जोकि स्नातक होने के बाद छात्रों को रोजगार के लिए तैयार करने में विफल रहते हैं।

मदरसा का प्रमुख संगठन वफाक-उल-मदारिस ने इस योजना पर सहमति जताई है। योजना के तहत मदरसा एवं अन्य धार्मिक स्कूल अंग्रेजी, विज्ञान और गणित जैसे विषयों में पारंपरिक शिक्षण को मजबूत करने में मदद करेंगे।

महमूद ने कहा, किसी भी धर्म या संप्रदाय के खिलाफ किसी भी तरह के घृणास्पद शब्दों का प्रचार नहीं किया जाएगा।

प्रधानमंत्री इमरान खान ने भारी अंतर्राष्ट्रीय दबाव का सामना करते हुए पाकिस्तान क्षेत्र से सक्रिय आतंकवादी समूहों पर शिकंजा कसने के लिए इस साल की शुरुआत में मदरसों को मुख्यधारा में शामिल करने संबंधी योजना की घोषणा की थी।

करीब दो दशक पहले पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ के कार्यकाल के समय भी इसी तरह के कई प्रयास किए गए थे।

पाकिस्तान जैसे रूढ़िवादी देश में मदरसों पर अंकुश लगाने के संभावित जोखिमों पर महमूद ने कहा कि सरकार मदरसों के साथ टकराव नहीं चाह रही है, जोकि अक्सर गरीब परिवारों के लिए शिक्षा उपलब्ध कराने का एकमात्र विकल्प है।

उन्होंने कहा, हम मदरसा पर कब्जा नहीं करना चाहते। बदलाव धीरे-धीरे होगा। मदरसा के पहले ग्रुप की परीक्षा अगले साल होगी।

--आईएएनएस



Source : ians

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