कर्नाटक : विधानसभा अध्यक्ष आज शक्ति परीक्षण को लेकर दृढ़ (लीड-1)

बेंगलुरू, 22 जुलाई (आईएएनएस)। कर्नाटक विधानसभा के अध्यक्ष के.आर.रमेश कुमार ने सोमवार को मुख्यमंत्री एच.डी.कुमारसमी से विश्वास मत प्रस्ताव पर चर्चा खत्म होने के बाद शाम तक बहुमत साबित करने के लिए शक्ति परीक्षण का सामना करने को कहा है।

मुख्यमंत्री कुमारस्वामी द्वारा बुधवार तक का समय मांगे जाने पर विधानसभा अध्यक्ष कुमार ने कहा, जैसा कि शुक्रवार को निर्णय हुआ था मैं आज (सोमवार) विश्वास मत को मतदान के लिए रखूंगा।

कुमारस्वामी ने समय की मांग करते हुए कहा कि सर्वोच्च न्यायालय को अभी राज्य के सत्तारूढ़ सहयोगियों के 19 जुलाई की याचिका पर निर्णय देना है। 19 जुलाई की याचिका पर स्पष्टीकरण व 17 जुलाई (बुधवार) के आदेश पर संशोधन की मांग की गई है।

सर्वोच्च न्यायालय ने बुधवार को विधानसभा अध्यक्ष को 15 बागी विधायकों के इस्तीफों पर अपनी मर्जी से निर्णय लेने को कहा था। अदालत ने कहा कि वह समयबद्ध तरीके से निर्णय लेने को नहीं कह सकते हैं। लेकिन शीर्ष अदालत ने यह भी कहा कि विधायकों को विधानसभा में भाग लेने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता।

करीब एक घंटे देर से सदन में विश्वास मत पर अधूरी बहस के फिर शुरू होने से पहले भाजपा ने विधानसभा अध्यक्ष से शक्ति परीक्षण की मांग की।

भाजपा विधायक मधुस्वामी ने कुमार से कहा, कुमारस्वामी व कांग्रेस विधायक दल (सीएलपी) के नेता सिद्वारमैया ने बीते शुक्रवार को सोमवार को सदन में चर्चा खत्म करने का वादा किया था। हमने उन पर विश्वास किया और उनकी सलाह का पालन किया। इसके बाद शक्ति परीक्षण कराए जाने में आगे देरी नहीं होनी चाहिए।

मधुस्वामी के आग्रह का जवाब देते हुए कुमार ने कहा कि वह चर्चा के बाद शक्ति परीक्षण कराने को प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने शुक्रवार को सदन में भरोसा दिया था। कुमार ने सत्तारूढ़ जनता दल-सेक्युलर (जद-एस) व कांग्रेस गठबंधन से विश्वास मत प्रस्ताव पर चर्चा को समाप्त करने का आग्रह किया। इस विश्वास मत प्रस्ताव को मुख्यमंत्री ने 18 जुलाई (गुरुवार) को प्रस्तुत किया।

राज्य के कानून व संसदीय कार्य मंत्री कृष्णा बायरे गौड़ा ने भी विधानसभा अध्यक्ष से शक्ति परीक्षण को बुधवार के लिए टालने का अग्रह किया, जैसा कि कुमार ने 15 बागी विधायकों को मंगलवार को मिलने के लिए बुलाया है।

जब सहयोगी दलों ने विधानसभा अध्यक्ष से कहा कि सर्वोच्च न्यायालय द्वारा मंगलवार को दो निर्दलीयों की याचिका पर संयुक्त रूप से सुनवाई किए जाने की संभावना है, जिसमें निर्दलीय विधायकों ने सोमवार को 5 बजे तक शक्ति परीक्षण का निर्देश देने की मांग की गई है। इस पर कुमार ने जवाब दिया कि वह विधायकों की याचिका में कोई पक्ष नहीं हैं और सर्वोच्च न्यायालय ने 17 जुलाई के आदेश में विधायी नियमों के अनुसार विधानसभा सत्र चलाने की पूरी छूट दी है।

कुमार ने कहा, मुझे निर्दलीयों की याचिका को लेकर कुछ नहीं करना है। उन्होंने शीर्ष अदालत से मुख्यमंत्री को आज 5 बजे शक्ति परीक्षण का निर्देश देने को कहा है, जिस पर मैं भी जोर दे रहा हूं।

15 बागी विधायकों, जिसमें 12 कांग्रेस व 3 जद (एस) ने सत्र में भाग नहीं लेने का फैसला किया है और दो कांग्रेस विधायक (बी.नाग्रेंद्र व श्रीमंत पाटिल) बेंगलुरू व मुंबई के निजी अस्पताल में भर्ती है। इस तरह 225 सदस्यीय विधानसभा में सहयोगियों का संख्या बल 99 होगा। इसमें विधानसभा अध्यक्ष (कांग्रेस) शामिल हैं।

भाजपा की संख्या दो निर्दलीय विधायकों के समर्थन के साथ 107 होगी, जो प्रस्ताव के विरोध में होगा।

--आईएएनएस

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