उप्र में फिल्म निर्माण प्रोत्साहन के लिए सरकार देगी सब्सिडी

लखनऊ, 23 जुलाई (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश सरकार ने फिल्म निर्माण को प्रोत्साहित करने और आगे बढ़ाने का निर्णय लिया है। सरकार 22 फिल्मों को सब्सिडी देने जा रही है। इसके लिए 11़24 करोड़ रुपये फिल्म बंधु और फिल्म विकास परिषद को दिए जाने का निर्णय हुआ है।

फिल्म विकास परिषद के चेयरमैन राजू श्रीवास्तव ने आईएएनएस से कहा, उप्र में रोजगार बढ़ाने के लिए यहां पर ज्यादा से ज्यादा शूटिंग हो, इस पर सरकार का जोर है। सरकार ने निर्णय लिया है कि जो निर्माता अपनी फिल्म की 75 प्रतिशत शूटिंग यहां करता है, उसकी लागत की 25 प्रतिशत सब्सिडी दी जाएगी। अगर बुंदेलखंडी, अवधी या भोजपुरी भाषा में कोई फिल्में बनाता है, तो उसे 50 प्रतिशत सब्सिडी दिए जाने का प्रावधान है।

उन्होंने बताया कि इसमें एक शर्त यह भी रखी गई है कि यहां शूटिंग करने पर पांच स्थानीय कलाकारों को रखा जाना चाहिए। सबसे बड़ी बात यह कि यहां पर होने वाली शूटिंग में कलाकरों को आने वाली दिक्कतों को दूर किया जाएगा। उन्हें पूरी सुरक्षा प्रदान की जानी है। साथ ही, ध्यान रखा जाएगा कि उन्हें शूटिंग स्थल लेने के लिए जिला प्रशासन के चक्कर न लगाने पड़े।

राजू श्रीवास्तव ने बताया, अगर फिल्म विकास परिषद फिल्म सिटी या फिल्म संस्थान का निर्माण करे तो सरकार इसमें सहयोग करेगी। इसको पीपी मॉडल आधार पर तैयार किया जा सकता है। इसके लिए खोज जारी है। सरकार अपनी जमीन मुहैया कराएगी। हम साझा हिस्सेदारी के साथ इसे चला सकते हैं।

उन्होंने बताया कि इन दिनों फिल्मों की बहुत सारी शूटिंग यूपी में हो रही है। बड़े-बड़े कलाकार और निर्माता यहां की ओर अपना रुख कर रहे हैं। योगी सरकार बनने के बाद सुरक्षा को लेकर सभी का भरोसा बढ़ा है। इससे पर्यटन में काफी इजाफा हो रहा है।

फिल्म बंधु से जुड़े एक अधिकारी ने नाम जाहिर न करने की शर्त पर बताया कि 28 और 29 जुलाई को होने वाली ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी में भी फिल्मी निवेश और फिल्म सिटी बनाने की चर्चा होने की संभावना है। इसीलिए बड़े निर्माताओं और कलाकारों को इसमें आमंत्रित किया गया है।

उन्होंने बताया कि मॉम, टॉयलेट-एक प्रेमकथा, बुलेट राजा, शादी में जरूर आना, मिर्जा जूलियट, अर्टिकल सरीखी कई फिल्मों की शूटिंग यहां हो चुकी है। यहां पर अमिताभ बच्चन, अयुष्मान खुराना अभिनीत एक फिल्म गुलाबो सिताबो की शूटिंग चल रही है। शूटिंग के लिए अजय देवगन और अमिर खान का प्रस्ताव भी आया है। रजनीकांत यहां पेटा की शूटिंग कर चुके हैं।

उत्तर प्रदेश में मिर्जापुर, लखनऊ, मथुरा जैसे शहरों में शूटिंग होने से यहां पर्यटन और रोजगार की असीम संभावनाएं बढ़ जाती हैं। यहां पर बाहर से लोग आते हैं और स्थानीय कलाकारों को भी शूटिंग के लिए हायर करते हैं। होटल या कोई आस-पास का बड़ा क्षेत्र लेते हैं, जिससे लोगों को पर्यटन के साथ-साथ रोजगार भी मिल जाता है।

फिल्म बंधु के अध्यक्ष अवनीश अवस्थी ने बताया कि उप्र सरकार फिल्मों को बढ़ावा देने के लिए अग्रसर है। प्रदेश में शूट होने वाली फिल्मों में काम करने वाले स्थानीय कलाकारों और तकनीशियनों को समुचित पारिश्रमिक और पूरा सम्मान दिया जाना चाहिए।

उन्होंने फिल्म विकास परिषद की नई बेवसाइट और कार्यालय बनाने के लिए भी सरकार से कहा है। अवस्थी ने कहा कि फिल्म बंधु की बेवसाइट पर फिल्म निर्माण की स्थिति को नियमित अपलोड किया जााना चाहिए। यदि किसी फिल्म के निर्माण में कोई बाधा हो रही है, निर्माण अधूरा है या रुक रहा है तो इसका विवरण बेवसाइट पर डालने से सही हालात का पता चल सकेगा और इससे पारदर्शिता भी आएगी।

इन फिल्मों को मिलेगी सब्सिडी- शादी में जरूर आना, सोनू के टीटू की स्वीटी, बहन होगी तोरी, मुक्ति भवन, मिस्टर कबाड़ी, सल्लू की शादी, बारात कंपनी, महिमा लेहड़ा देवी की, मिर्जा जूलिएट, काशी इन सर्च अफ गंगा, मौसम, इकरार, दो पल प्यार के, लुप्त, 9 ओ क्लक, अनारकली ऑफ आरा व धप्पा।

भोजपुरी फिल्में : शिव रक्षक, दबंग, सरकार, सिपाही व मुकद्दर।

--आईएएनएस



Source : ians

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