लोकसभा : ट्रंप के दावे पर विपक्ष ने मोदी से जवाब मांगा, बहिर्गमन किया (लीड-1)

नई दिल्ली, 23 जुलाई (आईएएनएस)। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दावे पर मंगलवार को लोकसभा में मोदी से जवाब देने की मांग करते हुए विपक्ष ने सदन से बहिर्गमन किया।

ट्रंप ने दावा किया था कि हाल ही में जापान के ओसाका में हुए जी-20 सम्मेलन में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कश्मीर मुद्दे पर उनसे मध्यस्थता करने का आग्रह किया था।

निचले सदन में शून्यकाल के दौरान दूसरी बार मुद्दा उठाते हुए कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने इस मुद्दे पर मोदी का जवाब मांगा और पूछा कि क्या प्रधानमंत्री ने जी-20 सम्मेलन के दौरान ट्रंप से कोई आग्रह किया था। तिवारी ने कहा कि ऐसा नहीं है तो यह भारत की एकता और संप्रभुता पर बहुत बड़ा हमला है।

समाचारपत्रों में प्रकाशित लेखों का हवाला देते हुए तिवारी ने कहा कि सरकार को अमेरिकी राष्ट्रपति के उस दावे पर सफाई देनी चाहिए, जिसमें उन्होंने कहा था कि मोदी ने ओसाका में उनसे पूछा था कि आप कश्मीर मुद्दे में मध्यस्थता क्यों नहीं करते? आप कश्मीर मुद्दे पर निर्णायक क्यों नहीं बनते?

तिवारी ने कहा, हम मांग करते हैं कि प्रधानमंत्री मोदी को सदन में आकर जवाब देना चाहिए कि उनके और ट्रंप के बीच में ऐसी कोई बात हुई है कि नहीं। अगर दोनों नेताओं के बीच ऐसी बात नहीं हुई है तो उन्हें (मोदी) स्पष्ट रूप से कहना चाहिए कि अमेरिका के राष्ट्रपति कश्मीर मुद्दे पर गलत बयान दे रहे हैं। सरकार और प्रधानमंत्री की तरफ से स्पष्ट बयान आना चाहिए।

तृणमूल कांग्रेस नेता सौगत रॉय ने भी इस मुद्दे को काफी ज्यादा संवेदनशील कहते हुए इस पर प्रधानमंत्री का जवाब मांगा।

उन्होंने कहा, यह भारत के पिछले सभी दावों का खंडन है कि कश्मीर एक द्विपक्षीय मुद्दा है और पाकिस्तान के साथ किसी द्विपक्षीय मुद्दे पर किसी तीसरे पक्ष को मध्यस्थता के लिए नहीं बुलाया जाएगा और कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है।

रॉय ने कहा, प्रधानमंत्री ने मूल सिद्धांत और भारत की क्षेत्रीय अखंडता का उल्लंघन किया है और इसलिए इस मुद्दे पर मैं विदेश मंत्री एस. जयशंकर का जवाब नहीं चाहूंगा। मैं सीधे प्रधानमंत्री से जवाब चाहता हूं।

विपक्ष की मांग नहीं मानने और इस मुद्दे पर जवाब देने के लिए जयशंकर के खड़े होते ही सदन में हंगामा हो गया।

मंत्री ने हंगामे के बीच ट्रंप के दावे को खारिज करने वाला अपना बयान पढ़ा और कहा कि ऐसा कोई आग्रह कभी नहीं किया गया है।

लेकिन विपक्षी दलों- कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, द्रमुक और राकांपा ने सरकार के बयान पर कोई ध्यान नहीं दिया और सदन से बहिर्गमन कर दिया।

--आईएएनएस

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