चाचा की आत्महत्या का बदला लेने के लिए चलवाई थी महिला पर गोली (लीड-1)

नई दिल्ली, 23 जुलाई (आईएएनएस)। द्वारका में एक महिला पर जानलेवा हमले के मामले में पुलिस ने मंगलवार को दो भाड़े के हत्यारों सहित पांच लोगों को गिरफ्तार किया। नजफगढ़ से चंद्रप्रकाश नामक मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी हुई है जिसने अपने चाचा की आत्महत्या का बदला लेने के लिए पीड़िता पर गोली चलवाई थी।

यह जानकारी मंगलवार को पुलिस ने दी।

दो मोटरसाइकिल सवार हमलावरों ने 11 जुलाई को द्वारका स्थित रेडिसन होटल के पास एक महिला को गोली मार दी थी। बाद में महिला की पहचान किरणबाला के रूप में हुई।

महिला अपनी कार चला रही थी जब हमलावरों ने सुबह करीब आठ बजे उस पर गोली चला दी। एक गोली किरणबाला के गले में जाकर लगी, जिससे वह बेहोश हो गईं और उनकी कार फुटपाथ से जा टकराई। घायल महिला को वेंकटेश्वर अस्पताल ले जाया गया था। वह अभी खतरे से बाहर हैं।

संयुक्त पुलिस आयुक्त (पश्चिमी रेंज) मधुप तिवारी ने कहा, अपराध का केवल एक चश्मदीद गवाह था जिसने इस बात की जानकारी दी कि दो मोटरसाइकिल सवार बदमाश किस दिशा में भागे हैं। महिला अपना बयान देने की हालत में नहीं थी। मामले की जांच के लिए आठ टीमों का गठन किया गया था। कई नंबरों के सीडीआर विवरणों की जांच करने के बाद हम निशानेबाजों और वाहन की पहचान करने में सक्षम हुए। अपराध के समय संभावित मार्गों पर सभी उपलब्ध कैमरों से सीसीटीवी फुटेज खंगाली गई।

तिवारी ने कहा, टीमों को फतेहपुर बेरी गांव में आरोपियों के घरों की सूचना मिली, लेकिन वे अपने घरों से फरार पाए गए। सीडीआर के विश्लेषण के बाद मंगलवार को नजफगढ़ से चंद्रप्रकाश नामक मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी हुई।

पूछताछ के दौरान आरोपी ने खुलासा किया कि उसका चाचा प्रेमचंद नजफगढ़ में प्रॉपर्टी के कारोबार से जुड़ा था और पीड़िता से उसकी दोस्ती हो गई थी।

तिवारी ने बताया, दिसंबर 2018 में प्रेमचंद ने आत्महत्या कर ली और उसकी पत्नी को शक था कि पीड़ित के साथ दोस्ती ही आत्महत्या का कारण थी। प्रकाश अपने चाचा की मौत का बदला लेना चाहता था। इसके लिए उसने जेल में बंद गिरिराज सिंह से संपर्क किया। जनवरी 2019 में उसने महिला को मारने के लिए उसे पांच लाख रुपये की पेशकश की। उसने अग्रिम तौर पर दो लाख रुपये का भुगतान किया और महिला को उसके बारे में सारी जानकारी दी।

इसके बाद सिंह ने अपने साथियों को साजिश में शामिल किया। आरोपी गुलाब ने हथियारों की व्यवस्था की जबकि नरेंद्र ने अपराध में इस्तेमाल मोटरसाइकिल की व्यवस्था की।

तिवारी ने कहा, एक जुलाई को सिंह अपने सहयोगी पिंकू के साथ द्वारका आया और महिला को गोली मार दी। फायरिंग के बाद वे मौके से फरार हो गए। पकड़े न जाने के लिए उन्होंने रास्ते में अपनी मोटरसाइकिल और कपड़े बदल दिए।

उन्होंने कहा, प्रकाश पहले एक हत्या के मामले में शामिल था, जबकि गुलाब और पिंकू भी पहले डकैती के मामले में शामिल रहे हैं। सिंह के खिलाफ दुष्कर्म और डकैती के दो मामले हैं और उसने इस साल जनवरी में पैरोल ली थी।

पुलिस ने आरोपियों के पास से तीन पिस्टल, दो मोटरसाइकिल, 15 जिंदा कारतूस और 90 हजार रुपये नकद बरामद किए हैं।

--आईएएनएस

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