नकदी संकट दूर करने के लिए बजट में एनबीएफसी संपत्ति की खरीद को बढ़ावा : फिच

मुंबई, 25 जुलाई (आईएएनएस)। आम बजट 2019-20 में गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) से संपत्ति खरीद पर आंशिक क्रेडिट गारंटी के प्रस्ताव से अल्प काल में वित्तपोषण का दबाव कम होगा। यह बात रेटिंग एजेंसी फिच ने गुरुवार को कही।

अमेरिकी रेटिंग एजेंसी के अनुसार, हालांकि बजटीय प्रस्ताव में दबाव वाले रियल स्टेट में फंसे कर्ज को लेकर निवेशकों की लंबी अवधि की चिंता का समाधान नहीं होता है।

इसी महीने के आरंभ में पेश किए गए बजट में इस पहल की घोषणा की गई जोकि कर्ज पूंजी बाजार में मांग के अभाव के कारण गैर-वित्तीय संस्थानों की थोक फंडिंग पर भारी दबाव के बीच आई है।

प्रस्ताव के तहत सरकार एनबीएफआई के फंड का प्रवाह बढ़ाने के लिए एनबीएफआई द्वारा बैंकों को जारी की जाने वाली प्रत्याभूत संपत्तियों पर 10 फीसदी घाटे की गारंटी प्रदान करेगी।

फिच ने एक बयान में कहा, विशेष घाटे को पाटने के लिए गारंटी भी काफी अधिक है। सरकार 14.5 अरब मूल्य की निर्गम को कवर करेगी। हमारा अनुमान है कि इससे एनबीएफआई सेक्टर की छह महीने की तरलता की जरूरतों की पूर्ति होगी।

रेटिंग एजेंसी ने कहा, यह प्रावधान सिर्फ वित्तीय रूप से मजबूत जारीकर्ता के लिए है। इस प्रकार कमजोर कंपनियों को धन की व्यवस्था के लिए खुद पर ही निर्भर रहना होगा। यह स्पष्ट नहीं है कि मजबूत जारीकर्ता से क्या आशय है।

फिच ने कहा, वित्तपोषण का दबाव थोक फाइनेंसर और छोटे एनबीएफआई व फिनटेक के लिए काफी गंभीर है जो बैंक से वित्तपोषण के लिए भी संघर्ष कर रहे हैं जबकि बड़े एनबीएफआई को थोड़ी अधिक लागत पर ही सही लेकिन फिर भी धन मिल रहा है।

इसके अलावा, एजेंसी ने गारंटी की अवधि को लेकर स्पष्टता नहीं होने का उल्लेख किया है।

एजेंसी ने बयान में कहा, सरकार ने छह महीने की अवधि का जिक्र किया है लेकिन यह स्पष्ट नहीं है कि क्या यह योजना खुली रहने की अवधि तक (छह महीने के भीतर होने वाले हस्तांतरण) है या फिर प्रत्येक हस्तांतरण की अवधि भी इसमें शामिल है।

--आईएएनएस

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