अध्यापक शिक्षा पाठ्यक्रम में बदलाव की आवश्यकता : निशंक

नई दिल्ली, 26 जुलाई (आईएएनएस)। मानव संसाधन विकास मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक ने शुक्रवार को कहा कि देश में अध्यापकों की गुणवत्ता में सुधार लाने के लिए अध्यापक शिक्षा के पाठ्यक्रम में नए विचारों और नवाचारों को शामिल करने की जरूरत है।

उन्होंने कहा कि पिछले करीब 40 साल से अध्यापक शिक्षा पाठ्यक्रम में बदलाव नहीं हुआ। लिहाजा, इसमें बदलाव की आवश्यकता है।

उन्होंने कहा कि शिक्षा को रोजगारपरक बनाने की आवश्यकता है। इसलिए समय-समय पर पाठ्यक्रमों में बदलाव होनी चाहिए।

मानव संसाधन विकास मंत्री ने देश की राजधानी दिल्ली के द्वारका स्थित राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद् (एनसीटीई) के नवनिर्मित भवन के लोकार्पण के मौके बताया कि चार वर्षीय बीएड कोर्स की अधिसूचना जारी हो गई है और इसके तहत संस्थानों से आवेदन मंगाए जा रहे हैं।

मंत्री ने बताया कि चार वर्षीय बीएड कोर्स में 12वीं उत्तीर्ण छात्रों का दाखिला होगा और उनके पास विज्ञान, वाणिज्य और कला संकायों को चुनने का विकल्प होगा।

इस मौके पर उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय नीति के मसौदे को लेकर पूछे गए एक सवाल पर कहा कि इस मसौदे पर अब तक 70 हजार सुझाव आ चुके हैं और इस पर अभी परामर्श चल रहा है। उन्होंने कहा कि सुझावों पर विचार करने के बाद इसे जल्द ही अंतिम रूप प्रदान किया जाएगा।

मानव संसाधन विकास मंत्री ने इस मौके पर टीचर-प्यूपिल रजिस्ट्रेशन नामक एनसीटीई का एक वेब पोर्टल और इनोवेटिव पाठशाला एप का विमोचन भी किया।

एनसीटीई की चेयरपर्सन सतबीर बेदी ने बताया कि देश में करीब 18,500 अध्यापक शिक्षा संस्थान हैं। इन संस्थानों से हर साल तकरीबन 19 लाख अपध्यापक प्रशिक्षण लेकर उत्तीर्ण होते हैं, जबकि देश के विद्यालयों में हर साल नए अध्यापकों की मांग सिर्फ तीन लाख होती है।

--आईएएनएस

Related News

Leave a Comment