बड़ा मुद्दा बन रही केरल के भाकपा नेता की चोट

कोच्चि, 27 जुलाई (आईएएनएस)। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के विधायक एल्डो अब्राहम को बीते मंगलवार को विरोध प्रदर्शन के दौरान लगी चोट पार्टी के अंदर और साथ ही वामपंथी सरकार के लिए भी एक बड़ा मुद्दा बन गई है।

अब्राहम की चोट पर परस्पर विरोधी रिपोर्टों ने मुख्यमंत्री द्वारा निर्देशित जांच पर प्रश्नचिन्ह लगा दिया है। इस मामले को सुलझाने में विफल रहने के कारण पार्टी के राज्य सचिव व कैबिनेट मंत्री कनम राजेंद्रन सहित भाकपा के कई नेता भी नाखुश हैं।

भाकपा राज्य में सत्तारूढ़ वामपंथी सरकार की दूसरी सबसे बड़ी सहयोगी पार्टी है और कैबिनेट में इसके चार मंत्री हैं।

अब्राहम को चोट तब लगी, जब कोच्चि में एक विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने भाकपा के दो अन्य वरिष्ठ नेताओं सहित उनकी पिटाई कर दी थी। पुलिस की पिटाई के बाद से अब्राहम अपने बाएं हाथ में लगाए गए एक प्लास्टर के साथ घूमते दिखाई देते हैं।

मुख्यमंत्री पिनारायी विजयन ने एर्नाकुलम जिला कलेक्टर द्वारा इसकी मजिस्ट्रियल जांच का आदेश दिया था। यह रिपोर्ट सोमवार को सौंपी जाएगी।

इसके अलावा पुलिस ने शनिवार सुबह एक विस्तृत चिकित्सा रिपोर्ट कलेक्टर को सौंपी। मीडिया में आई खबरों के अनुसार, रिपोर्ट में कहा गया है कि अब्राहम के बाएं हाथ में कोई फ्रैक्चर नहीं है।

वहीं एर्नाकुलम के भाकपा नेता अब्राहम ने कहा है कि उनके पास एर्नाकुलम जिला अस्पताल की एक रिपोर्ट है, जिसमें कहा गया है कि उनका हाथ फ्रैक्चर है।

पुलिस के बल प्रयोग में सिर पर चोट खाने वाले पार्टी के एर्नाकुलम जिला सचिव पी. राजू ने भी कहा, हमारे पास एर्नाकुलम जिला अस्पताल की रिपोर्ट है जो कहती है कि उन्हें फ्रैक्चर है।

एल्डो अब्राहम ने कहा, सभी जानते हैं कि पुलिस में अक्सर झूठी रिपोर्ट दर्ज करने की आदत होती है। मुझे पता है कि मेरे साथ क्या हुआ है।

अब्राहम की चोट पर राजेंद्रन ने कहा, मैं उनसे मिला था और इसमें कोई संदेह नहीं है कि अब्राहम पर हमला हुआ था। अब हमें कलेक्टर की रिपोर्ट का इंतजार करना चाहिए।

--आईएएनएस

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