आईआईटी कैंपस में फंदे से लटके मिले 3 शव, (लीड-2)

नई दिल्ली , 27 जुलाई (आईएएनएस)। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) परिसर में स्थित एक फ्लैट में एक ही परिवार के तीन सदस्यों का शव फंदे से लटका हुआ पाया गया है। शुरुआती जांच में मामला आत्महत्या का लग रहा है जिसका प्रमुख कारण गृह क्लेश नजर आ रहा है।

संस्थान में वरिष्ठ प्रयोगशाला सहायक गुलशन दास, उनकी पत्नी सुनीता और उनकी मां कांता के शव शुक्रवार देर शाम उनके आधिकारिक आवास के अंदर अलग-अलग कमरों में लटकते मिले।

पुलिस ने बताया कि घटनास्थल से कोई भी सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है।

पुलिस के अनुसार, अपनी बेटी के पास जाने में असमर्थ सुनीता की मां ने उन्हें फोन कर घरेलू हिंसा की सूचना दी, जिसके बाद पुलिस आईआईटी कैंपस पहुंची।

डीसीपी (दक्षिण-पश्चिम) देवेंद्र आर्य ने कहा, महिलाएं दुपट्टे के साथ अलग-अलग बेडरूम में लटक रही थीं। जबकि दुपट्टे के साथ गुलशन गलियारे में लटक रहे थे।

पुलिस ने कहा, किसी भी शव पर कोई बाहरी चोट नहीं मिली और कोई भी सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।

प्रारंभिक जांच में पता चला है कि दंपति अक्सर लड़ते थे, जिसके बाद पत्नी ने हाल ही में नारायणा पुलिस स्टेशन में पति के खिलाफ घरेलू हिंसा की शिकायत की थी।

मृतकों के एक रिश्तेदार ने बताया, हम शिकायत को आगे नहीं बढ़ाना चाहते थे, क्योंकि हम उनके रिश्ते को बनाने की कोशिश कर रहे थे। अगर हमें पता होता कि ऐसा कुछ हो सकता है तो हम समय पर हस्तक्षेप करते।

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, इस बात में संदेह है कि दोनों के बीच लड़ाई इस हद तक पहुंच जाएगी कि वे जीवन को समाप्त कर लेंगे। दोनों के बीच अक्सर क्या बहस होती थी यह जानने के लिए मृतकों के रिश्तेदारों और पड़ोसियों से पूछताछ की जा रही है। इसमें कांता की मौत को भी देखा जा रहा है।

सुनीता के परिवार के मुताबिक, इस साल फरवरी में दोनों ने शादी की थी। यह उन दोनों की दूसरी शादी थी और उनकी कोई संतान नहीं थी।

करनाल से अस्पताल पहुंचे गुलशन के रिश्तेदारों ने बताया कि मां और बेटा परिवार में दूसरों के साथ ज्यादा बातचीत नहीं करते थे।

पुलिस ने बताया चूंकि दंपति की शादी सात साल से अधिक पुरानी नहीं थी, इसलिए मजिस्ट्रेट द्वारा कानून के तहत पूछताछ शुरू की गई है।

आर्य ने कहा कि पुलिस को संदेह है कि यह आत्महत्या का मामला है, मगर विस्तृत जानकारी शव परीक्षण के बाद ही पता चल पाएगी।

--आईएएनएस

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