दिल्ली का पार्किं ग संकट दूर करने की जरूरत

नई दिल्ली, 29 जुलाई (आईएएनएस)। दिल्ली में पार्किं ग एक गंभीर समस्या है। इसे पार्किं ग प्रबंधन क्षेत्र योजना (पीएमएपी) के तहत स्थायी रूप से चिह्न्ति किया जा सकता है।

यदि पार्किं ग प्रबंधन क्षेत्र योजना को तुरंत प्रभाव से लागू किया जाता है, तो यह शहर में संभवत: पार्किं ग की जगह की संपूर्ण मांग को कम करने में मदद कर सकता है।

पार्किं ग प्रबंधन क्षेत्र योजना का उद्देश्य पैदल चलने वालों, नॉन मोटराइज्ड ट्रांसपोर्ट (एनएमटी), साइकिल ट्रैक, एनएमटी व इंटरमीडिएट पब्लिक ट्रांसपोर्ट (आईपीटी) पार्किं ग, वेंडिंग जोन, बस स्टॉप, सार्वजनिक सुविधाओं आदि सहित सभी तरीकों के लिए व्यापक सुविधाएं देना है।

इसके अलावा, निजी वाहनों के लिए ऑन-स्ट्रीट और/या ऑफ-स्ट्रीट पार्किं ग की सुविधा भी मुहैया कराई जा सकती है।

इस योजना का उद्देश्य ऑन-स्ट्रीट और ऑफ-स्ट्रीट पार्किं ग की उपलब्धता में सुधार करना है। इसके लिए अधिक से अधिक चलना, साइकिल चलाना और सार्वजनिक परिवहन उपयोग को बढ़ावा देना, इसमें शामिल है।

स्थानीय हितधारकों, योजना निकायों/विभागों व परिवहन योजनाकारों और शहरी डिजाइनरों की एक टीम के परामर्श करने के बाद पार्किं ग प्रबंधन क्षेत्र योजना को तैयार किया गया है।

पर्यावरण प्रदूषण नियंत्रण प्राधिकरण (ईपीसीए) ने अपनी रिपोर्ट में, लाजपत नगर क्षेत्र में एक प्रभावी पार्किं ग क्षेत्र प्रबंधन पर काम करने के लिए दक्षिण दिल्ली नगर निगम (एसडीएमसी) की सराहना की।

दिल्ली के सबसे व्यस्त बाजारों में से एक लाजपत नगर को कारों से भरा हुआ और पार्किं ग के लिए अव्यवस्थित इलाके में से एक के रूप में देखा जाता है।

आईएएनएस से बात करते हुए शहरी नियोजन विशेषज्ञ चित्रा सुंदरराजन ने कहा, भूमिगत पार्किं ग और उच्च-स्तरीय पार्किं ग ही सही दीर्घकालिक समाधान है, जिसे दिल्ली मास्टर प्लान 2041 में शामिल किया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा, पार्किं ग के लिए स्थानीय योजनाएं विकसित किए जाने से आवासीय और वाणिज्यिक क्षेत्रों में पार्किं ग स्थलों के विवेकपूर्ण उपयोग करने के मास्टर प्लान को मदद मिलेगी।

--आईएएएनएस

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