आईआईटी-बी के व्याख्यान कक्ष में पहुंची आवारा गाय, जांच के लिए समिति गठित (लीड-1)

आईआईटी-बंबई के एक प्रवक्ता से जब सोमवार को संपर्क किया गया तो उन्होंने कहा कि वीडियो से साफ नहीं है कि यह घटना कब और कहां हुई। उन्होंने कहा कि इस पर टिप्पणी करने से पहले इंस्टीट्यूट इसकी जांच करेगा।

सोशल मीडिया पर इस घटना को लेकर तीखी प्रतिक्रिया के बाद आईआईटी-बंबई ने सोमवार को कहा कि इसने परिसर में मानव बनाम पशु विवाद को देखने के लिए एक समिति का गठन किया है।

समिति कोई कदम उठाने से पहले बृहन्मुंबई म्युनिसिपल कॉरपोरेशन (बीएमसी), गैर सरकारी संगठनों (एनजीओ) व जानवर विशेषज्ञों से सलाह लेगी।

पहली मंजिल पर स्थित व्याख्यान कक्ष में बैठे विद्यार्थी यह देख कर दंग रह गए कि सफेद रंग की एक चितकबरी और मध्यम दर्जे की सींग वाली गाय अचानक कक्षा में एक तरफ से प्रवेश करती है और दूसरे दरवाजे से बाहर निकल जाती है।

कुछ विद्यार्थी खड़े हो गए और गाय को उन्होंने भगाने की कोशिश की, लेकिन वह अपनी गति से आराम से टहलते हुए, बिना कोई नुकसान पहुंचाए, कक्षा से बाहर चली गई।

विद्यार्थियों का दावा है कि यह घटना बीते शनिवार को हुई, जब मुंबई व आसपास के इलाकों में भारी बारिश हो रही थी। उन्होंने कहा कि हो सकता है कि इसी दिन गाय आश्रय के लिए इमारत में प्रवेश कर गई और व्याख्यान कक्ष के अंदर चली गई।

बीते पखवाड़े परिसर में आवारा सांडों के हमले में एक छात्र घायल हो गया था। इसके बाद बीएमसी की टीम आई लेकिन आईआईटी-बंबई के गेट से सिर्फ दो सांडों को हटा पाई।

इस घटना को लेकर सोशल मीडिया पर हंगामा मचा है। एक उपयोगकर्ता ने कहा, मैं एक गाय हूं और मैं यहां आप को पढ़ाने आई हूं।

एक मेडिको ने कहा, बिना जेईई एडवांस क्लियर किए गाय आईआईटी-बंबई में प्रवेश कर गई।

एक अन्य ने कहा, जेईई एडवांस क्लियर किए बिना एक गाय कैसे आईआईटी-बंबई में प्रवेश कर गई। हो सकता है कि वह कोटा से हो. जहां आप सांस में हवा नहीं बल्कि प्रवेश परीक्षा लेते हैं।

गाय को ऑक्सीजन देने वाली बताए जाने के कुछ नेताओं के बयान की तरफ इशारा करते हुए एक यूजर ने लिखा, आईआईटी-बी इतना प्रदूषित है कि गाय ने इसे अपनी स्वच्छा हवा से ऑक्सीजन देने का फैसला किया। और, वे कव्वे जो है हीं राष्ट्रविरोधी, उन्होंने उसे भगाने की कोशिश की। क्या हम उन्हें गाय के असम्मान के लिए पहले से ही जान से मार सकते हैं?

आईआईटी-बंबई का 550 एकड़ का परिसर पूरी तरह हरा-भरा है, और यह पवई झील से लगा हुआ है, जो विभिन्न प्रकार के प्राणियों की आश्रयस्थली है।

--आईएएनएस

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