ईस्ट बंगाल पर मेघालय के राज्यपाल की टिप्पणी पर भड़कीं ममता

ममता ने कहा है कि इस तरह से सोचना अपमानजनक है और वह इस बात को सुनकर शर्मिदा महसूस कर रही हैं।

रॉय ने अपने ट्विटर खाते पर लिखा था, ईस्ट बंगाल एथलेटिक क्लब (मूलरूप से फुटबाल) अपनी 100वीं वर्षगांठ मना रहा है। क्या क्लब के अधिकारियों को या इसके किसी समर्थक को यह अहसास है कि क्यों हम पश्चिम बंगाल में बैठकर ईस्ट (पूर्वी) बंगाल का समर्थन कर रहे हैं।

उनकी इस टिप्पणी पर विवाद शुरू हुआ।

इसके बाद एक और ट्वीट में उन्होंने लिखा, गालियां आ रही हैं जिनका आधार नसमझी है। हम में से कई अपनी ईस्ट बंगाल की जड़ों को भूल गए हैं, लेकिन क्लब को सिर्फ उसके नाम के कारण समर्थन देते हैं। सच्चाई यह है कि मैं पश्चिम बंगाल में बैठकर ईस्ट बंगाल का समर्थन करूंगा तो यह मुझे लगातार इस बात की याद दिलाता रहेगा कि हम अपने धर्म के कारण वहां से निकाले गए थे।

क्लब की सौवीं वर्षगांठ के मौके पर मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचीं ममता ने कहा, यह सुनकर, मुझे शर्म आ रही है। कुछ लोगों को लगता है कि केवल पूर्वी बंगाल के लोग ही क्लब का समर्थन करेंगे। पश्चिम बंगाल और पूर्वी बंगाल के लोगों में अंतर है।

उन्होंने कहा, सिर्फ इसलिए कि मैं बंगाल के इस हिस्से में पैदा हुई हूं, तो इसका मतलब यह नहीं है कि मैं ईस्ट बंगाल से प्यार नहीं करती। यह ईस्ट बंगाल का अपमान करना होगा। मुझे लगता है कि यह संबंध सीमाओं से परे है। ईस्ट बंगाल के प्रशंसक पूरे विश्व मे हैं।

क्लब के स्थापना दिवस के मौके पर विश्व विजेता कप्तान कपिल देव, सौरभ गांगुली, बाइचुंग भूटिया और सुनिल छेत्री भी मौजूद थे। कपिल देव को ईस्ट बंगाल के सर्वोच्च सम्मान भारत गौरव से नवाजा गया।

--आईएएनएस



Source : ians

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