कमलनाथ बताएं मप्र में बेटियां कितनी सुरक्षित : भाजपा

भोपाल, 2 अगस्त (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ द्वारा उत्तर प्रदेश के उन्नाव की दुष्कर्म पीड़िता के परिजनों को राज्य में बसने और पूरी सुरक्षा दिए जाने के प्रस्ताव पर भाजपा आग बबूला है। भाजपा ने कमलनाथ से सवाल किया है कि पहले वह बताएं कि राज्य की बेटियां कितनी सुरक्षित हैं।

भाजपा की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष राकेश सिंह ने जारी एक बयान में कहा, मध्य प्रदेश में दुधमुंही बच्चियों से लेकर स्कूली छात्राएं तक हैवानियत की शिकार हो रही हैं। बच्चियां न घरों में सुरक्षित हैं, न स्कूल में और न मां के आंचल में। मुख्यमंत्री कमलनाथ को उन्नाव की दुष्कर्म पीड़िता को प्रदेश में बसने का आमंत्रण देने से पहले यह बताना चाहिए कि राज्य की कानून-व्यवस्था आज किस दौर में पहुंच गई है। वह मध्यप्रदेश की बेटियों को कितनी सुरक्षा दे पा रहे हैं?

दुष्कर्म पीड़िता के परिजनों को मुख्यमंत्री कमलनाथ की तरफ से दिए गए आमंत्रण पर सिंह ने कहा, मुख्यमंत्री का यह आमंत्रण बताता है कि वह संवेदनशील विषयों पर भी राजनीतिक रोटियां सेंकने से बाज नहीं आते हैं।

सिह ने आगे कहा, जब से प्रदेश में कमलनाथ सरकार सत्ता में आई है, बच्चियों और मासूमों पर जुल्म का सिलसिला थम नहीं रहा है। कहीं दुधमुंही बच्ची को मां के आंचल से छीनकर हैवानियत का शिकार बनाया जाता है, तो कहीं किसी मासूम बच्ची की जिदगी का सौदा टाफी या चाकलेट के बदले में किया जा रहा है। प्रदेश में दिनदहाड़े बच्चों को स्कूलों से उठाया जा रहा है और फिरौती वसूलने के बाद भी उनकी निर्मम हत्या कर दी जाती है।

सिह ने कहा, मुख्यमंत्री कमलनाथ दुष्कर्म पीड़िता को बेटी की तरह सुरक्षा देने का वादा कर रहे हैं तो उन्हें यह बताना चाहिए कि क्या प्रदेश में दुष्कर्म और हत्या की शिकार हो रही बेटियों को मुख्यमंत्री अपनी बेटियां नहीं मानते? या फिर वह उन्नाव की दुष्कर्म पीड़िता को भी ऐसे ही असुरक्षित माहौल के बीच प्रदेश में बसने का आमंत्रण दे रहे हैं?

ज्ञात हो कि कमलनाथ ने शुक्रवार को ट्वीट किया, उन्नाव दुष्कर्म मामले पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला स्वागत योग्य। यूपी को असुरक्षित मान छोड़ने का निर्णय ले चुकी पीड़िता की मां व परिजनों से मैं अपील करता हूं कि वे सभी मध्यप्रदेश आकर बसने का निर्णय लें। हमारी सरकार आपके पूरे परिवार को सम्पूर्ण सुरक्षा प्रदान करेगी।

--आईएएनएस

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