दिल्ली में केरल सरकार के प्रतिनिधि का बहिष्कार करेंगे कांग्रेस सांसद

तिरुवनंतपुरम, 4 अगस्त (आईएएनएस)। कांग्रेस सांसदों ने केरल के मुख्यमंत्री पिनरई विजयन द्वारा हाल ही में लोकसभा चुनाव हारने वाले नेता को दिल्ली में केंद्र के साथ बातचीत के लिए राज्य का विशेष प्रतिनिधि नियुक्त करने पर अपनी नाराजगी जताई है। पिनरई के इस फैसले से आहत कांग्रेस के वरिष्ठ सांसदों ने कहा है कि वे उन सभी बैठकों का बहिष्कार करेंगे, जिनमें उक्त नेता की मौजूदगी होगी।

दरअसल केरल के मुख्यमंत्री ने पिछले हफ्ते हुई कैबिनेट बैठक में तीन बार के पूर्व लोकसभा सदस्य ए. संपत को दिल्ली में राज्य सरकार का प्रतिनिधि नियुक्त किया था।

वडकारा लोकसभा सीट से शानदार जीत दर्ज कराने वाले कांग्रेस के वरिष्ठ नेता के. करुणाकरण के बेटे के. मुरलीधरन ने रविवार को कहा कि मुख्यमंत्री उन सभी सांसदों को दरकिनार कर रहे हैं, जिन्होंने हाल ही में चुनाव जीता है।

मुरलीधरन ने कहा, इस फैसले से उन लोगों को दरकिनार करने का काम किया गया है, जिन्होंने चुनाव जीते हैं। हम व्यक्तिगत तौर पर संपत के खिलाफ नहीं हैं, मगर हम चाहते हैं कि वह इस पद को ग्रहण न करें। हम इसमें सहयोग नहीं करेंगे और अगर वह किसी भी बैठक में भाग लेते हैं तो फिर उसका बहिष्कार करेंगे। हम इस मुद्दे को संसद में उठाने की भी योजना बना रहे हैं।

संपत इस बार अट्टिंगल लोकसभा सीट से जीत की हैट्रिक लगाने के लिए मैदान में उतरे थे, मगर उन्हें कांग्रेस विधायक अदूर प्रकाश से हार का सामना करना पड़ा था।

मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के नेतृत्व वाले वाम मोर्चे को संसदीय चुनाव में अपने एक सबसे खराब परिणाम का सामना करना पड़ा था। क्योंकि कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ ने 20 में 19 सीटों पर जीत दर्ज की।

संपत की नियुक्ति पर अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए चलाकुडी के लोकसभा सदस्य और कांग्रेस के दिग्गज नेता बेन्नी बेहनान ने कहा कि केरल सरकार ने उनकी नियुक्ति के बारे में सांसदों से सलाह नहीं ली।

--आईएएनएस



Source : ians

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