बहुमत के फैसले से मिली कपिल की टीम को कोच चुनने की अनुमति (लीड-1)

नई दिल्ली, 5 अगस्त (आईएएनएस)। सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त प्रशासकों की समिति (सीओए) ने सोमवार को यह स्पष्ट कर दिया कि कपिल देव की अध्यक्षता वाली क्रिकेट सलाहकार समिति (सीएसी) ही भारतीय क्रिकेट टीम के अगले मुख्य कोच का चयन करेगी। लेकिन यह निर्णय सर्वसम्मति से न होकर दो-एक के बहुमत के फैसले से हुआ।

सीओए ने कहा कि समिति में किसी भी तरह के हितों का टकराव नहीं है।

सीओए के प्रमुख विनोद राय ने बैठक के बाद कहा कि समिति ने सदस्य कपिल देव, अंशुमान गायकवाड और शांता रंगास्वामी द्वारा सौंपी गईं घोषणाओं को देख लिया है और उन्हें कोच चुनने की इजाजत दे दी गई है।

लेकिन अब ऐसी खबरें आ रही हैं कि यह फैसला सर्वसम्मति के आधार पर नहीं लिया गया है।

सीओए की बैठक के बारे में जानकारी रखने वाले सूत्रों ने आईएएनएस से बातचीत में कहा कि विनोद राय और लेफ्टिनेंट जनरल रवि थोज की राय एक नहीं थी।

लेकिन ऐसा माना जा रहा है कि सदस्यों के खिलाफ हितों के टकराव का कोई मामला नहीं था, जबकि डायना एडुल्जी चाहती थीं कि लोकपाल डीके जैन ही इस बारे में कोई फैसला लें।

सूत्रों ने कहा, राय और थोज इस चीज को लेकर एकमत थे कि तीन सदस्यीय समिति द्वारा दी गई घोषणाएं काफी अच्छी थीं। लेकिन डायना ने महसूस किया कि इस पर लोकपाल द्वारा ही कोई फैसला लेना उचित होगा ताकि हितों के टकराव मामले की अनदेखी न हो और बाद में कोई मामला न सामने आए।

राय ने कहा, हमने इसे देख लिया है और यह ठीक है। अगस्त के मध्य में कोच पद के लिए उम्मीदवारों की छंटनी की जाएगी और फिर इसके बाद कोच का चुनाव किया जाएगा। इस मामले में सीएसी का फैसला अंतिम होगा।

गौरतलब है कि भारतीय टीम के नए कोच का चुनाव करने के लिए सीओए ने अपनी पिछली बैठक में कपिल की अध्यक्षता में एक क्रिकेट सलाहकार समिति (सीएसी) का गठन किया था। इस समिति का काम नए कोच का चुनाव करना है। इसमें कपिल के अलावा अंशुमान गायकवाड़ और शांता रंगास्वामी दो अन्य सदस्य हैं।

बीसीसीआई के सीईओ राहुल जोहरी ने सीएसी से किसी भी तरह के हितों का टकराव स्पष्ट करने को कहा था।

राय ने हालांकि बीसीसीआई के कर्मचारियों के वेतन बढ़ोतरी पर कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया।

इस बीच, 26 राज्य संघों ने बीसीसीआई के नए संविधान को स्वीकार कर लिया है और निर्वाचन अधिकारी की नियुक्ति की है।

राय ने उम्मीद जताई कि चुनाव के समय तक यह संख्या 30 तक हो सकती है। उन्होंने एक बार फिर से यह स्पष्ट कर दिया कि जिन संघों ने बीसीसीआई के संविधान को लागू नहीं किया है, उन्हें वोट देने की इजाजत नहीं दी जाएगी।

सीओए के प्रमुख ने कहा, 26 राज्यों ने इसे लागू कर दिया है और निर्वाचन अधिकारी का चुनाव कर लिया है। उन्हीं राज्यों को मत देने का अधिकार दिया जाएगा, जिन्होंने इसे लागू किया है।

--आईएएनएस

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