तरुण तेजपाल की याचिका पर फैसला सुरक्षित

नई दिल्ली, 6 अगस्त (आईएएनएस)। सर्वोच्च न्यायालय ने मंगलवार को पत्रकार तरुण तेजपाल की उस याचिका पर अपना आदेश सुरक्षित रख लिया है, जिसमें निचली अदालत द्वारा उनके खिलाफ तय किए गए यौन उत्पीड़न के आरोप को अलग रखने की मांग की गई है।

न्यायमूर्ति अरुण मिश्रा की अध्यक्षता वाली पीठ ने आदेश सुरक्षित रखा, मगर साथ ही तेजपाल से पूछा कि अगर वह दावा करते हैं कि यौन शोषण का आरोप सही नहीं है, तो उन्होंने अपने पूर्व सहयोगी से माफी क्यों मांगी।

वहीं तेजपाल के वकील ने कहा कि वरिष्ठ पत्रकार के खिलाफ दुष्कर्म का आरोप झूठा और निराधार है।

मगर पीठ ने यह जानने की कोशिश की कि तेजपाल ने महिला को माफीनामा क्यों भेजा।

तेजपाल की ओर से वरिष्ठ वकील विकास सिंह ने होटल की लॉबी के सीसीटीवी फुटेज का हवाला देते हुए तर्क दिया कि वह शिकायतकर्ता ही थी, जिसे उनके बाद भागते देखा जा सकता है। यह वही है जिसने सब कुछ शुरू किया था।

तेजपाल ने दुष्कर्म और गलत तरीके से पेश आने के आरोपों के बाद ट्रायल कोर्ट के आदेश को चुनौती देते हुए शीर्ष अदालत का रुख किया है।

उन्होंने दोषी नहीं होने की दलील दी है और मामले में अपनी बेगुनाही का दावा किया है।

गौरतलब है कि 2013 में गोवा में तहलका पत्रिका के संस्थापक द्वारा आयोजित एक सम्मेलन थिंकफेस्ट के दौरान एक पूर्व जूनियर महिला सहकर्मी ने तेजपाल पर दुष्कर्म का आरोप लगाया था।

--आईएएनएस



Source : ians

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