पीओके हमारा अभिन्न अंग, इसके लिए जान भी दे देंगे : शाह (लीड-1)

नई दिल्ली, 6 अगस्त (आईएएनएस)। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने मंगलवार को कहा कि जम्मू एवं कश्मीर भारत का एक अभिन्न हिस्सा है और पाकिस्तानी कब्जे वाला कश्मीर (पीओके) और अक्साई चीन इसका एक हिस्सा हैं। उन्होंने कहा कि कश्मीर के लिए नेता अपनी जान तक देने के लिए तैयार हैं।

उन्होंने कांग्रेस को कश्मीर मुद्दे पर अपना रुख स्पष्ट करने के लिए भी कहा। लोकसभा में प्रस्ताव और विधेयकों पर विचार और इन्हें पारित करने के बाद शाह ने कहा कि यह मुद्दा राजनीतिक नहीं है और यह कानून संवैधानिक और कानूनी प्रावधानों पर आधारित है।

उन्होंने कहा कि जम्मू एवं कश्मीर को दिए गए विशेष दर्जे को रद्द करने के राष्ट्रपति के आदेश के अनुसार, जम्मू एवं कश्मीर पुनर्गठन विधेयक-2019 में राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित करने का प्रावधान है। शाह ने कहा कि जम्मू एवं कश्मीर को पुडुचेरी के समान विधायिका के साथ और लद्दाख को चंडीगढ़ की तरह बिना विधायिका के केंद्र शासित प्रदेश बनाए जाएगा।

उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति के आदेश ने अनुच्छेद-370 के तहत उन प्रावधानों को निरस्त कर दिया है जो राज्य को अपना संविधान अलग होने के साथ ही विदेशी मामलों, रक्षा और संचार से संबंधित कानूनों के अलावा अन्य कानून बनाने की शक्ति देने की अनुमति देता है।

उन्होंने कहा कि प्रस्ताव और विधेयक को राज्यसभा ने पहले ही पारित कर दिया है। गृहमंत्री ने कहा कि लद्दाख को केंद्रशासित प्रदेश का दर्जा देने की लंबे समय से मांग चली आ रही थी, जिसे नरेंद्र मोदी सरकार ने पूरा किया।

कांग्रेस सदस्य अधीर रंजन चौधरी की टिप्पणी का जवाब देते हुए शाह ने कहा, कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है, इसमें कोई संदेह नहीं है। जब भी मैं जम्मू-कश्मीर की बात करता हूं तो इसमें पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर और अक्साई चिन क्षेत्र भी शामिल होते हैं।

शाह ने कहा, जैसा कि भारत के संविधान और राज्य के संविधान ने तय किया है, उसके अनुसार जम्मू एवं कश्मीर की सीमा में पीओके और अक्साई चीन शामिल हैं।

इससे पहले, अधीर रंजन चौधरी ने पीओके पर सरकार के रुख पर सवाल उठाने के लिए शाह के संबोधन को बाधित किया। उन्होंने कहा, मुझे नहीं लगता कि आप पीओके के बारे में सोच रहे हैं, आपने सभी नियमों का उल्लंघन किया और एक राज्य को रातोंरात केंद्र शासित प्रदेश में बदल दिया। राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित करने के सरकार के फैसले के बाद क्या जम्मू एवं कश्मीर अभी भी एक आंतरिक मामला है।

इसके जवाब में शाह ने सवाल किया कि क्या कांग्रेस कश्मीर मुद्दे को सुलझाने के लिए संयुक्त राष्ट्र को हस्तक्षेप करने का सुझाव दे रही है।

शाह ने लोकसभा में भारत माता की जय और वंदे मातरम के नारों के बीच कहा, इस देश की संसद को जम्मू-कश्मीर पर कोई कानून बनाने से नहीं रोका जा सकता है। क्या कांग्रेस चाहती है कि संयुक्त राष्ट्र कश्मीर मुद्दे को हल करे?

इस बीच डीएमके सांसद टी.आर. बालू ने चर्चा के बीच में ही बोलना शुरू कर दिया। उन्होंने कहा, मुझे लगता है कि हम अघोषित आपातकाल की स्थिति में हैं। यह स्पष्ट नहीं है कि हमारे सहयोगी सदस्य फारूक अब्दुल्ला और जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती घर में नजरबंद हैं या उन्हें गिरफ्तार किया गया है।

शाह ने राज्य की स्थिति को स्पष्ट करते हुए कहा, जम्मू एवं कश्मीर में विधानसभा के साथ एक केंद्र शासित प्रदेश होगा, जहां मुख्यमंत्री के साथ-साथ विधायक भी होंगे और मुख्यमंत्री जनता द्वारा चुने जाएंगे।

--आईएएनएस

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