बैंकिंग प्रणाली में पर्याप्त तरलता : आरबीआई गवर्नर

मुंबई, 7 अगस्त (आईएएनएस)। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर शक्तिकांत दास ने बुधवार को कहा कि देश में तरलता संकट में सुधार हो रहा है और बैंकिंग प्रणाली में पर्याप्त तलरता (नकदी) है। अर्थव्यवस्था में मंदी का दौर चल रहा है और इसका प्रमुख कारण तरलता की कमी और इसके कारण मांग में कमी है।

पिछले एक साल से एनबीएफसी (गैर-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी) सेक्टर तरलता के संकट से सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है। दास ने यहां मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की बैठक के बाद संवाददाताओं से कहा, मैंने सरकारी और निजी दोनों क्षेत्रों के बैंकों के साथ बैठक की और आज की तारीख में प्रणाली में पर्याप्त तरलता है।

उन्होंने कहा कि पिछले एक साल से केंद्रीय बैंक ने कई इंस्ट्रमेंट्स के माध्यम से अर्थव्यवस्था में पर्याप्त तरलता डाली है।

मौद्रिक नीति की बैठक के बाद मंगलवार को प्रकाशित आरबीआई के विकासात्मक और नियामक नीतियों पर वक्तव्य में बताया गया कि पिछले एक साल के दौरान, रिजर्व बैंक ने खुले बाजार संचालन और विदेशी मुद्रा की एक श्रंखला के माध्यम से ऋण प्रवाह को सुविधाजनक बनाने के लिए कई उपाय किए हैं।

गर्वनर ने कहा कि आंतरिक कार्य समूह, जिसका गठन पिछली एमपीसी बैठक के बाद तरलता प्रबंधन ढांचे की व्यापक समीक्षा करने के लिए किया गया था, वह अपनी सिफारिश देने के अंतिम चरण में है और उसकी सिफारिशें विचार-विमर्श और सार्वजनिक टिप्पणियों के लिए शीघ्र ही उपलब्ध होंगी।

--आईएएनएस



Source : ians

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