विश्व चैंपियनशिप के बाद भार वर्ग पर फैसला लेगी मुक्केबाज मंजू बॉम्बोरिया

नई दिल्ली, 10 अगस्त (आईएएनएस)। दिल्ली में विश्व चैंपियनशिप के लिए आयोजित ट्रायल्स में भारतीय महिला मुक्केबाज मंजू बॉम्बोरिया का 64 किलोग्राम भारवर्ग काफी प्रतिस्पर्धात्मक रहा था।

मध्य प्रदेश की मुक्केबाज ने ट्रॉयल्स में स्ट्रांजा कप की कांस्य पदक विजेता प्विलाओ बासुमात्री को सेमीफाइनल में और फिर अंकुशिता बोरो को हराकर विश्व चैंपियनशिप के लिए भारतीय टीम में जगह बनाई है।

मंजू भारत की उस 10 सदस्यीय महिला टीम में शामिल हैं जो तीन से 13 अक्टूबर तक रूस के उलान उदे में होने वाली एआईबीए वुमेन्स वल्र्ड बॉक्सिंग चैम्पियनशिप में भारत का प्रतिनिधित्व करेगी।

मंजू ने कहा, मैं इन दोनों मुक्केबाजों से पहले हार गई थी, लेकिन इस बार मुझे अपनी क्षमताओं पर विश्वास था। मैं दोनों मुकाबलों में जीत दर्ज करने में सफल रही।

64 किलोग्राम भार वर्ग ओलम्पिक में शामिल नहीं है और उनका कहना है कि विश्व चैंपियनशिप के बाद अपने भार वर्ग में बदलाव करने के बारे में सोचेगी।

उन्होंेने कहा, मुझे एक मौका मिला है और मैं इसक पूरा फायदा उठाना चाहती हूं। इस समय मैं केवल विश्व चैंपियनशिप पर ध्यान दे रही हूं और फिर इसके बाद ही मैं इसमें बदलाव करने के बारे में फैसला लूंगी।

मंजू की स्थिति दो साल पहले काफी अलग थी जब वह सोचने लगी थी कि उनके मुक्केबाजी करियर की शुरुआत होने से पहले ही समाप्त हो गई है। लेकिन उन्हें सीनियर नेशनल कैम्प के लिए चुना गया। हालांकि मार्च 2017 में ट्रेनिंग के दौरान उन्हें चोट लग गई थी।

उन्होंने कहा, शारीरिक दर्द के अलावा, उस समय मेरे लिए यह एक बहुत ही अधिक भावनात्मक आघात था। मेरे माता-पिता हमेशा मेरा समर्थन करते रहे हैं। लेकिन मेरे परिवार में अन्य सदस्य भी थे जिन्होंने महसूस किया कि मुझे खेल छोड़ देना चाहिए।

यह पूछे जाने पर कि चोट के बाद क्या उनके जीवन में कोई बदलाव आया है, उन्होंने कहा कि तकनीकी ज्ञान के अलावा अब वह खुद को ज्यादा मजबूत महसूस करती है।

मंजू ने कहा, मैं अब यह कह सकती हूं कि यह अच्छा था कि मैं अपने करियर में इतनी जल्दी इससे जल्दी गुजर गई। जब मैं चोटिल हुई थी तो मैं सोच रही थी कि ऐसी चीजें मेरे साथ ही क्यों हो रही है। लेकिन अब मुझे लगता है कि जो कुछ भी हुआ वह शायद मेरे लिए भगवान की मर्जी थी।

--आईएएनएस



Source : ians

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