उन्नाव दुष्कर्मकांड : पीड़िता के पिता की मौत मामले में सेंगर का नाम नहीं

नई दिल्ली, 10 अगस्त (आईएएनएस)। दिल्ली की एक अदालत ने शनिवार को उन्नाव दुष्कर्म पीड़िता के पिता के साथ मारपीट करने और कथित तौर पर आर्म्स एक्ट के मामले में फंसाने को लेकर आरोप तय करने पर अपना आदेश सुरक्षित रखा है।

जिला और सत्र न्यायाधीश धर्मेश शर्मा ने आरोप तय करने पर अपने आदेश को 13 अगस्त तक के लिए सुरक्षित रखा।

अदालत ने इसके अलावा पीड़िता के पिता की मौत के मामले की भी सुनवाई की, जिनकी पिछले साल हिरासत में मौत हो गई थी। हालांकि, केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने इस मामले में अभी तक भारतीय जनता पार्टी के विधायक कुलदीप सिंह सेंगर और उसके भाई को आरोपी नहीं बनाया है।

इस मामले में आठ लोगों को आरोपी बनाया गया है, जिसमें तीन पुलिस अधिकारी हैं, लेकिन कुलदीप सेंगर नहीं हैं। अन्य आरोपियों में शशि सिंह, विनीत मिश्रा, वीरेंद्र सिंह, शैलेंद्र सिंह और राम शरण सिंह का नाम है।

शनिवार को दिल्ली उच्च न्यायालय से इजाजत मलने के बाद इस मामले की विशेष सुनवाई की गई थी, क्योंकि शीर्ष अदालत ने 45 दिन में सुनवाई पूरा करने का आदेश दिया है।

पीड़िता की तरफ से पेश अधिवक्ता ने अदालत से कहा कि पीड़िता के पिता की हत्या के मामले में सीबीआई ने जानबूझकर कुलदीप सेंगर और उसके भाई को आरोपी नहीं बनाया है।

इस आरोप का प्रतिवाद करते हुए लोक अभियोजक अशोक भारतेंदु ने अदालत से कहा कि मामले में आरोप पत्र दायर किया गया है और मामले की जांच चल रही है। जांचकर्ताओं को पीड़िता की पिता की मौत के मामले में कुलदीप सेंगर के खिलाफ कोई सबूत नहीं मिला है।

आरोपी के अधिवक्ता ने इस मामले में जांच पर सवाल खड़े किए और कहा कि जांच अधिकारी (आईओ) ने सही तरीके से जांच नहीं किया।

--आईएएनएस

Related News

Leave a Comment