अपनी परफॉर्मेंस को गंभीर रूप से देखा : कामिनी कौशल

मुंबई, 11 अगस्त (आईएएनएस)। फिल्म जगत के हस्तियों के कान्स के रेड कार्पेट पर चलना जहां आज एक वार्षिक समारोह बन चुका है वहीं देश की आजादी से पहले साल 1946 में फिल्म नीचा नगर को इस महोत्सव का सर्वोच्च पुरस्कार द पाम डओर मिल चुका है। दिग्गज अभिनेत्री कामिनी कौशल ने इसी फिल्म से डेब्यू किया था।

93 साल की इस अभिनेत्री का कहना है कि खुद को स्क्रीन पर देखकर वह कभी भी अभिभूत नहीं हुई।

कामिनी कौशल ने नदिया के पार, बिराज बहू और शहीद से लेकर शाहरुख खान स्टारर चेन्नई एक्सप्रेस और शाहिद कपूर की हालिया रिलीज फिल्म कबीर सिंह में भी काम किया है। उन्होंने जिंदगी के हर क्षण में सिनेमा का भरपूर आनंद लिया है।

उनका अपना पसंदीदा किरदार कौन सा है? इस सवाल के जवाब में कामिनी ने आईएएनएस को बताया, मैं खुद को स्क्रीन पर देखकर कभी भी अभिभूत नहीं हुई। मैंने हमेशा अपनी परफॉर्मेंस को गंभीरता से देखा। जब मैं अपनी किसी भी फिल्म को देखती हूं, तो मैं अपने आप से पूछती हूं कि क्या मैं यह बताने में कामयाब रही कि मैं अपने प्रदर्शन के माध्यम से क्या व्यक्त करना चाह रही थी? क्या मैं इस किरदार के लिए यथार्थपूर्ण लग रही हूं?

उन्होंने आगे कहा, मेरे लिए दर्शक ही मेरे निर्देशक हैं इसलिए मुझे अपने निर्देशक के साथ तालमेल बिठाना होगा क्योंकि आखिरकार मैं उनके देखने पर ही काम कर रही हूं, है ना?

कामिनी कौशल ने यह भी कहा, ऐसा कई बार हुआ जब मैंने विमल दा (रॉय) के साथ अभ्यास नहीं किया, लेकिन मैंने स्क्रिप्ट पढ़ी और अन्दर ही अन्दर उस पर काम किया और विमल दा से कहा कि चलिए शॉट लेते हैं और वह बिल्कुल ठीक हुआ।

अपने फिल्मी करियर में कामिनी कौशल अशोक कुमार, राज कपूर, देव आनंद और दिलील कुमार जैसे जाने-माने कलाकारों के विपरीत काम कर चुकी हैं।

कामिनी कौशल का जन्म 1927 में लाहौर में हुआ था। फिल्मों में काम करने की उनकी पहले से कोई योजना नहीं थी क्योंकि उस वक्त माहौल ऐसा नहीं था। ज्यादातर लोग अंग्रेजी शासन से देश को आजादी दिलाने में ही ज्यादा रूचि रखते थे।

हालांकि कामिनी कौशल के परिवारवालों ने बचपन से ही उन्हें हर नए काम को करने के लिए प्रोत्साहित किया। फिल्मों में काम करना महज एक एक्सपेरीमेंट ही था।

उन्होंने शबनम, शहीद, रोटी कपड़ा और मकान और संयासी जैसी कई और फिल्मों में काम किया।

क्या आज की किसी अभिनेत्री को देखकर उन्हें अपने बीते दिनों की याद आती है? इस पर कामिनी ने कहा, सच बोलू तो आजकल मैं ज्यादा फिल्में नहीं देखती। जितना भी थोड़ा-बहुत मैंने देखा तो मुझे लगा कि आजकल की ज्यादातर अभिनेत्रियां काफी बबली हैं और कमर्शियल फिल्में पॉपकॉर्न के जैसे हो गई है।

उन्होंने यह सवाल पूछा, इन बच्चों ने काफी कुछ हासिल कर लिया है, लेकिन क्या इनमें वह गहराई है, वह गुण है?

कामिनी ने हाल ही में कबीर सिंह में काम किया और अब वह जल्द ही कोमल नाहटा की और एक कहानी चैट शो में नजर आएंगी।

--आईएएनएस

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