थाइलैंड के रास्ते देश में आ रही है चीनी टायर : उद्योग

चेन्नई, 11 अगस्त (आईएएनएस)। चीन से टायर आयात पर काउंटरवेलिंग ड्यूटी (सीवीडी) अर्थात प्रतिकारी शुल्क लगाए जाने के बाद देश में अब थाइलैंड से टायर का आयात बढ़ने लगा है। घरेलू टायर उद्योग की माने तो चीनी कंपनियां अपना उत्पाद थाइलैंड के रास्ते भारत भेज रही हैं।

ऑटोमोटिव टायर मैन्युफैक्चर्स एसोसिएशन (एटीएमए) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि लोकसभा चुनाव के बाद अब देश में राजनीतिक अस्थिरता समाप्त हो गई है लिहाजा सरकार को अर्थव्यवस्था को विकास के पथ पर अग्रसर करने पर ध्यान देना चाहिए।

एटीएमए के महानिदेशक राजीव बुद्धराजा ने आईएएनएस से कहा, पहले चीन से टायर का आयात घरेलू विनिर्माताओं के लिए बड़ा बाधक था, लेकिन अब चीनी टायर विनिर्माता थाइलैंड के रास्ते अपना उत्पाद भेज रहे हैं। हम देखते हैं कि थाइलैंड से टायर का आयात बढ़ रहा है।

उन्होंने कहा कि अमेरिका और चीन के बीच ट्रेड वार के कारण चीन दूसरे बाजार की तरफ बढ़ने को बाध्य है।

उन्होंने आंकड़े पेश करते हुए कहा कि पिछले वित्त वर्ष में थाइलैंड से 2,67,087 यूनिट ट्रक/बस टायर का अयात हुआ था जोकि कुल आयात का 57 फीसदी है। वहीं इससे पहले 2017-18 में थाइलैंड से 1,26,666 यूनिट ट्रक/बस टायर का आयात हुआ था जोकि कुल आयात का 15 फीसदी था।

वहीं, मोटरसाइकिल टायरे की बात करें तो थाइलैंड से पिछले साल 1,83,602 यूनिट टायर का आयात हुआ जोकि कुल आयात का नौ फीसदी था। इससे एक साल पहले थाइलैंड से मोटसाइकिल टायर की 1,02,378 यूनिट का आयात हुआ था जोकि कुल आयात का पांच फीसदी था।

इस प्रकार थाइलैंड से पिछले वित्त वर्ष में टायर का आयात बढ़ गया।

बुद्धराजा ने बताया कि उद्योग में विकास की रफ्तार सुस्त पड़ गई है क्योंकि ऑटोमोबाइल की बिक्री घटने से टायर की मांग पर असर पड़ा है।

उन्होंने कहा कि वाहन उद्योग में सुस्ती जारी रही तो इससे टायर उद्योग में निवेश प्रभावित होगा।

--आईएएनएस

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